
#Negligence
जबलपुर . शहर के तालाबों में जलीय जीवों के लिए ऑक्सीजन का लेवल संतुलित रखने फव्वारे लगाए गए हैं। लेकिन ज्यादातर समय ये फव्वारे बंद रहते हैं। तालाबों में मछलियों के मरने के लगातार मामले सामने आने के बावजूद फव्वारों को चालू नहीं किया जा रहा है। हनुमानताल से लेकर गुलौआताल, सूपाताल व शाहीताल सभी जगह एक जैसी स्थिति है। गुलौआताल में तीन छोटे फव्वारे चलाए जा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा फव्वारा लगभग एक साल से बंद है। इस फव्वारा से तालाब में सबसे ज्यादा एरिया तक फुहार छोड़ी जा सकती है। इस कारण पिछले दिनों यहां की मछलियां मर गई थीं।
नियमित रूप से नहीं चलते
शहर में चौराहों पर धूल का स्तर कम करने के लिए नगर निगम ने कई जगह फव्वारे लगाए हैं, लेकिन ये फव्वारे नियमित रूप से नहीं चलाए जा रहे हैं। ज्यादातर समय चौराहों के फव्वारें बंद रहते हैं। शहर के मुख्य बाजार को बड़े फुहारा के नाम से ही जाना जाता है। लेकिन बड़े फुहारा का फव्वारा भी नियमित रूप से नहीं चलाया जाता है। अक्सर दिनभर ये फव्वारा बंद रखा जा रहा है। केवल शाम के समय फव्वारा चालू किया जाता है। इसी तरह से छोटे फुहारे के नाम से क्षेत्र की पहचान है। लेकिन, ये फव्वारा भी नियमित रूप से नहीं चलाया जाता। रसल चौक का फव्वारा भी ज्यादातर समय बंद रहता है। वीकल मोड़ का फव्वारा भी लंबे समय से बंद है। निगम प्रशासन ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत मिले फंड से कुछ और चौराहों में फव्वारे लगाने की प्लानिंग की थी, लेकिन अभी तक किसी नए चौराहे में फव्वारा नहीं लगाया गया है।
तालाबों व चौराहों के फव्वारे नियमित रूप से चलाए जाएं ये सुनिश्चित करेंगे। टैंकर शाखा के माध्यम से चौराहों के फव्वारों में प्रतिदिन समय पर पानी भरावाया जाएगा।
- कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, नगर निगम, जल विभाग
तालाबों में फव्वारा चलने पर जलीय जीवों के लिए बायो ऑक्सीजन की डिमांड पूरी होती रहती है। शहर के जिन तालाबों में फव्वारे लगाए हैं, उनमें ज्यादातर समय उन्हें बंद रखा जाता है। इसके कारण अक्सर मछलियां मरती हैं।
- विनोद दुबे, भूजलविद्
Published on:
21 Nov 2023 11:23 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
