दो बार हो चुका सेलिंग एक्सपिडीशन
नर्मदा की लहरों पर दो बार सेलिंग एक्सपीडीशन लग चुका है। इस एक्सपीडिशन के जरिए कैडेट्स को नेवल के जवानों की लाइफ जानने का मौका मिलता है। इससे उनकी प्रैक्टिस भी दुरुस्त होती है, जो उन्हें नौ सैनिक कैम्प के लिए तैयार करती है।
जबलपुर में एनसीसी एकेडमी भी बन रही है, जिसमें नेवल विंग के लिए भी स्पेसिफिक एरिया होगा, जहां पर पूरी ट्रेनिंग आसानी से की जा सकेगी।
एक्टिविटी में ये सब शामिल
-नेवी के लिए सबसे पहले स्विमिंग सिखाई जाती है, ताकि वॉटर एक्टिविटी कराई जा सके।
-नाव चलाने की ट्रेनिंग देकर कैडेट्स को डायरेक्शन देना सिखाया जाता है।
- हवा के डायरेक्शन से बोट को कैसे चलाया जाता है, यह सेलिंग के जरिए सिखाया जाता है।
- एक जहाज से दूसरे जहाज में सेमाफोर के जरिए कम्यूनिकेशन किया जाता है।
- नाव या जहाज के विभिन्न पाट्र्स को बांधने के लिए विभिन्न प्रकार की नॉट बनाना सिखाया जाता है।
- नेवी की जाने वाली परेड भी इसका हिस्सा होती है।
नेवल जट्टी बनने का इंतजार
बरगी डैम में लगातार हो रही नेवल एनसीसी कैडेट्स की एक्टिविटी को देखते हुए नेवल जट्टी बनाए जाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए काफी रूपरेखा बना ली गई है। आधा एकड़ की लैंड काम शुरू किया जा सकता है। नेवल जट्टी बन जाने से युवाओं के स्किल डवलपमेंट की दिशा में बेहतर कदम होगा। नेवल जट्टी का मतलब होता है, जहां पर शिप खड़े होते हैं और रस्सी से बांधे जाते हैं। यहां बरगी डैम में जट्टी से आशय सेल बोट के लिए पूरा स्पेस तैयार करने से है।
आईएनएस सुवर्णा में बैठने का मौका
भारतीय नौ सेना का जहाज, समुद्र की लहरें और तेज हवाओं का रोमांच। शहर के कुछ कैडेट्स को इसका अनुभव मिला। नेवी एनसीसी के 12 कैडेट्स 2016 में नेवल बेस कारवार, कर्नाटक से होकर लौटे। उन्हें वहां आईएनएस सुवर्णा में बैठने का मौका मिला। पांच घंटे सुवर्णा में सेलिंग की, वहीं आईएनएस चपल में एजुकेशनल टूर रखा गया। यह मौका कैडेट्स को नौ सैनिक नेशनल कैम्प के दौरान मिला। यह गोल्डन चांस कैडेट वरुण स्वामी, श्रेयस सिंह, विपुल श्रीवास, प्रियंका वर्मा, एरना सिंह, दुर्गा द्विवेदी, रितु शेखर सिंह, राहुल त्रिपाठी को मिला।