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Navy Day: लहरों के बीच यहां नेवल एनसीसी के कैडेट्स को दी जाती है सख्त ट्रेनिंग

जबलपुर के बरगी डैम में नेवी कैडेट्स सीखते हैं नेवल एक्टिविटी, इंडियन नेवी शिप में जाने का मिला मौका 

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Prem Shankar Tiwari

Dec 04, 2016

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जबलपुर। शहर आर्मी की ट्रेनिंग के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां पर नेवी की ट्रेनिंग भी मिलती है। यहां कोई समुद्र नहीं, लेकिन नेवल की विभिन्न एक्टिविटी यहां सिखाई जाती है। शहर का बरगी बांध नेवल एनसीसी के लिए ट्रेनिंग पॉइंट है। यहां की लहरों पर सवार होकर एनसीसी के कैडेट्स एडवेंचर एक्टिविटी करते हैं।

टफ ट्रेनिंग के लिए सेलिंग एक्सपिडीशन
नेवल में होने वाली सभी एक्टिविटी को बरगी डैम में भी सिखाया जाता है। शिप टू शिप कम्यूनिकेशन से लेकर सेलबोट चलाने का हुनर शहर की टू एमपी नेवल एनसीसी यूनिट सिखा रही है। जिस तरह शिप से सफर के लिए डायरेक्शन, नेवीगेशन की जरूरत होती है, वैसी ही ट्रेनिंग सेल बोट और डीके वेलर बोट के थ्रू दी जाती है। नेवी एनसीसी के सीओ ले. कमांडर परमदीप कंग ने बताया कि कैडेट्स को जहाज की वर्र्किंग की टफ ट्रेनिंग के लिए सेलिंग एक्सपिडीशन भी आयोजित किया जाने लगा है, जिससे वे लगातार दस दिनों तक सेलिंग बोट के जरिए आसपास के क्षेत्र का सफर तय करते हैं। इतना ही नहीं बरगी डैम में की गई टे्रनिंग युवाओं के लिए इंडियन नेवी शिप तक पहुंचने का रास्ता भी साफ करती है।

दो बार हो चुका सेलिंग एक्सपिडीशन
नर्मदा की लहरों पर दो बार सेलिंग एक्सपीडीशन लग चुका है। इस एक्सपीडिशन के जरिए कैडेट्स को नेवल के जवानों की लाइफ जानने का मौका मिलता है। इससे उनकी प्रैक्टिस भी दुरुस्त होती है, जो उन्हें नौ सैनिक कैम्प के लिए तैयार करती है।
जबलपुर में एनसीसी एकेडमी भी बन रही है, जिसमें नेवल विंग के लिए भी स्पेसिफिक एरिया होगा, जहां पर पूरी ट्रेनिंग आसानी से की जा सकेगी।

एक्टिविटी में ये सब शामिल

-नेवी के लिए सबसे पहले स्विमिंग सिखाई जाती है, ताकि वॉटर एक्टिविटी कराई जा सके।
-नाव चलाने की ट्रेनिंग देकर कैडेट्स को डायरेक्शन देना सिखाया जाता है।
- हवा के डायरेक्शन से बोट को कैसे चलाया जाता है, यह सेलिंग के जरिए सिखाया जाता है।
- एक जहाज से दूसरे जहाज में सेमाफोर के जरिए कम्यूनिकेशन किया जाता है।
- नाव या जहाज के विभिन्न पाट्र्स को बांधने के लिए विभिन्न प्रकार की नॉट बनाना सिखाया जाता है।
- नेवी की जाने वाली परेड भी इसका हिस्सा होती है।

नेवल जट्टी बनने का इंतजार
बरगी डैम में लगातार हो रही नेवल एनसीसी कैडेट्स की एक्टिविटी को देखते हुए नेवल जट्टी बनाए जाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए काफी रूपरेखा बना ली गई है। आधा एकड़ की लैंड काम शुरू किया जा सकता है। नेवल जट्टी बन जाने से युवाओं के स्किल डवलपमेंट की दिशा में बेहतर कदम होगा। नेवल जट्टी का मतलब होता है, जहां पर शिप खड़े होते हैं और रस्सी से बांधे जाते हैं। यहां बरगी डैम में जट्टी से आशय सेल बोट के लिए पूरा स्पेस तैयार करने से है।

आईएनएस सुवर्णा में बैठने का मौका
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भारतीय नौ सेना का जहाज, समुद्र की लहरें और तेज हवाओं का रोमांच। शहर के कुछ कैडेट्स को इसका अनुभव मिला। नेवी एनसीसी के 12 कैडेट्स 2016 में नेवल बेस कारवार, कर्नाटक से होकर लौटे। उन्हें वहां आईएनएस सुवर्णा में बैठने का मौका मिला। पांच घंटे सुवर्णा में सेलिंग की, वहीं आईएनएस चपल में एजुकेशनल टूर रखा गया। यह मौका कैडेट्स को नौ सैनिक नेशनल कैम्प के दौरान मिला। यह गोल्डन चांस कैडेट वरुण स्वामी, श्रेयस सिंह, विपुल श्रीवास, प्रियंका वर्मा, एरना सिंह, दुर्गा द्विवेदी, रितु शेखर सिंह, राहुल त्रिपाठी को मिला।

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