
Jabalpur beat Indore, Bhopal, now the race for the award
जबलपुर। बरसात में जर्जर हुई शहर की सडक़ें पैचवर्क के लायक भी नहीं बची हैं। इसके बाद भी उनका नए सिरे से निर्माण नहीं हो रहा है। जिन सडक़ों पर काम शुरू हुआ था, वह खुदाई से आगे नहीं बढ़ सका। सडक़ों पर धूल का गुबार उठने से नगर में पीएम का स्तर जिले की तुुलना में दोगुने से अधिक हो गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) की गाइड लाइन के अनुसार पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा होने पर अस्थमा, हृदय रोग व फे फड़ों की बीमारी से पीडि़त लोगों को समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों का भी कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान हवा में धूल के कण बढऩा खतरनाक हो सकता है।
बारिश में जर्जर हुई सडक़ों का मेंटेनेंस भूले जिम्मेदार, उठ रहा धूल का गुबार
पंद्रह दिन से बंद है काम
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने डिवाइडर के एक ओर की सडक़ की खुदाई कर काम बंद कर दिया गया है। एक ओर से सडक़ बंद होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
निर्माण स्थल पर पानी का छिडक़ाव नहीं
नगर में फ्लाईओवर, स्मार्ट सडक़, पानी की पाइप लाइन व सीवर लाइन बिछाने का काम जारी है। पानी का छिडक़ाव नहीं होने से निर्माण स्थलों के आसपास हर समय धूल का गुबार छाया रहता है।
एजेंसियों को निर्माण स्थलों पर ग्रीन मेट लगाने और पानी का छिडक़ाव करने के लिए पत्र लिखेंगे, जिससे पीएम 10 का स्तर नियंत्रित रहे और प्रदूषण न बढ़े।
- एसएन बुंदेला, क्षेत्रीय प्रबंधक,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
संबंधित अधिकारियों को अधूरी सडक़ों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जर्जर सडक़ों पर पैचवर्क भी किया जा रहा है।
- अनूप कुमार सिंह, आयुक्त, नगर निगम
Updated on:
29 Oct 2020 12:17 pm
Published on:
29 Oct 2020 12:08 pm
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