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बनने से पहले ही टूटने-बिखरने लगा नॉन मोटराइज्ड ट्रैक

-पांच सालों से चल रहा है ट्रैक निर्माण कार्य-साइकिलिंग के लिए बनाया जा रहा है ट्रैक

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Non-motorized track

Non-motorized track

जबलपुर. लोगों की सेहत बनाने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ओमती नाले के पर निर्माणाधीन नॉन मोटराइज्ड ट्रैक बनने से पहले ही टूटने-उखड़ने लगा है। तकरीबन चार किमी लंबे इस ट्रैक निर्माण का निर्माण कार्य पिछले पांच सालों से चल रहा है। लेकिन अभी तक पहले चरण का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। आलम यह कि इस आधे-अधूरे ट्रैक की टाइल्स और एलईडी पोल टूटने लगे हैं। कुछ पोल से तो एलईडी लाइट गायब हो गई है।

करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी भातखंडे संगीत विद्यालय से लेकर बस स्टैंड तीन पत्ती तक पहले और दूसरे चरण के ट्रैक निर्माण का कार्य 30 अक्टूबर 2020 तक पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन प्रभात पुलिया से लेकर मानस भवन के पीछे तक का काम अब भी अधूरा है। करीब 75 फीसद ही निर्माण हो पाया है। इसे पूरा होने में करीब तीन माह और लगेंगे, जबकि तीसरे चरण का काम अभी 50 फीसद तक ही हो पाया है।

- दो पार्ट में होगा ट्रैक, एक तरफ साइकिल तो दूसरी ओर मार्निंग वॉकर कर सकेंगे वाकिंग
- बुर्जुगों व बीमार व्यक्तियों के विश्राम के लिए भी होंगे इंतजाम
- नॉन मोटराइज्ड ट्रेक में वाहन नहीं चलेंगे
- एलईडी से रोशन ट्रैक के दोनों तरफ हरियाली होगी

"नॉन मोटराइज्ड ट्रैक निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जनवरी तक दोनों चरणों का काम पूरा कर लिया जाएगा। तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-रवि राव, प्रशासनिक अधिकारी, स्मार्ट सिटी