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विजय माल्या के कैलेंडर की तरह बोल्ड नहीं, लेकिन बेहद खास होते हैं इस कंपनी के कैलेंडर

जबलपुर में बिजली कम्पनी के कैलेंडर की इस बार शोभा बढ़ाएंगे शक्तिभवन, मैहर, धुआंधार, लम्हेटाघाट    

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Bhedaghat, jabalpur

Bhedaghat, jabalpur

जबलपुर। विजय माल्या की एक कंपनी की हॉट एंड बोल्ड कैलेंडर में भले ही लाखों रुपए में हॉयर की मॉडल की तस्वीरें आकर्षण का केंद्र बनती थीं। कुछ खास जगह पर वे कैलेंडर पूरे साल टंगे रहते थे। कुछ इसी तरह का आकर्षण एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कैलेंडर्स का भी रहता है। लेकिन, यह कैलेंडर बेहद शालीन तस्वीरों वाले होते हैं। इनमें हर साल चुनिंदा खूबसूरत स्थलों, आयोजनों की तस्वीरें छापी जाती हैं। इन कैलेंडर का लोगों को इंतजार रहता है। बिजली कम्पनी ने वर्ष 2021 के दीवार और टेबल कैलेंडर का विमोचन कर दिया है। इस बार इसमें शक्तिभवन के विहंगम दृश्य के साथ मैहर, धुआंधार और लम्हेटाघाट को भी शामिल किया गया है।

कैलेंडर का विमोचन एमपी पावर मैनेजमेंट कम्पनी के प्रबंध संचालक आकाश त्रिपाठी, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक वी. किरण गोपाल, पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी, जनरेटिंग कम्पनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने किया। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के कल्याण अधिकारी महेश तख्तानी ने कॅलेंडर को विमोचन के लिए प्रस्तुत किया। इस दौरान एमपी पावर मैनेजमेंट कम्पनी के मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन एफके मेश्राम, पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के मुख्य महाप्रबंधक एसके गायकवाड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रबंध संचालकों ने सभी बिजली कम्पनियों के अधिकारी-कर्मचारियों व बिजली उपभोक्ताओं को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

वर्ष 2021 के दीवार और टेबल कॅलेंडर में जनवरी में शक्तिभवन का विहंगम दृश्य, फरवरी में बेयरहेंड तकनीकी/ एरियल वर्क प्लेटफॉर्म की ओर से पारेषण लाइन का संधारण, मार्च में शक्तिभवन में प्रदर्शित स्क्रेप मटेरियल से बनाए गए बर्ड मॉडल, अप्रैल में पारेषण लाइन का संधारण करते लाइन कर्मी, मई में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, लम्हेटाघाट, जबलपुर, जून में बिजली लाइनों का रखरखाव करते लाइन कर्मी, जुलाई में गांधीसागर जल विद्युत परियोजना, अगस्त में कॉर्पोरेट मुख्यालय भवन भोपाल, सितम्बर में बिजली से रोशन श्रमिक का अशियाना, मैहर, अक्टूबर में दुर्गम क्षेत्र में सुदृढ़ पारेषण नेटवर्क, नवम्बर में राजघाट जल विद्युत परियोजना, दिसम्बर में 220 केवी विद्युत उपकेंद और, टेबिल कॅलेंडर में धुआंधार को शामिल किया गया है।