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खूब बेचे विकास के सपने, काम कुछ हुआ नहीं, अब रहवासियों का छलक रहा गुस्सा

जबलपुर के कई वार्ड में खत्म नहीं हो रहा साफ पानी से लेकर सपाट सड़क का इंतजार, मूलभूत सुविधाएं भी नहीं    

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Nagar Nigam Jabalpur

Nagar Nigam Jabalpur

यह है स्थिति
-2014 में हुआ था वार्डों का परिसीमन
-09 वार्ड बढ़े थे निगम सीमा में
-40 किलोमीटर हो गई नगर की परिधि
-25 करोड़ के लगभग नए वार्डों से हर साल वसूला जाता है कर

जबलपुर। नगर निगम चुनाव की तारीख अभी जबलपुर में नहीं आई है, लेकिन चुनावी मुद्दे गर्म होने लगे हैं। यहांके मोहनिया में आज भी कई स्पॉट पर बिजली के खम्भे नहीं लगे, कुं गवा और बसहा में सड़क नेटवर्क नहीं सुधरा। तेवर, मानेगांव, गधेरी, चकदेही, चंदेली, महगवां में साल के ज्यादातर समय जल संकट गहराया रहता है। 55 गांव नगर निगम सीमा में शामिल हुए, तो क्षेत्रीयजनों को सुंदर सपाट सड़क, दोनों वक्त भरपूर जलापूर्ति से लेकर तेजी से विकास के सपने दिखाए गए। लेकिन, नए वार्डों के निवासी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, उन पर कर भुगतान का बोझ ही बढ़ा। विकास के नाम पर सड़क, बिजली, पानी का मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर पांच साल में दुरुस्त नहीं हो सका। ड्रेनेज नहीं होने के कारण करमेता इलाके में बरसात के दिनों में भयंकर जलभराव हो जाता है। निगम सीमा में शामिल हुए गांवों से बने नए वार्डों की यही तस्वीर है। जबकि सालाना नए वार्डों से लगभग 25 करोड़ रुपए की कर वसूली की जाती है। यहां के रहवासियों का दर्द अभी से छलकने लगा है। लोगों का कहना है कि इस बार निगम चुनाव में इस क्षेत्र का पिछड़ापन चुनावी मुद्दा जरूर बनेगा।

25 जुलाई 2014 को राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही ये गांव निगम की सीमा में शामिल हो गए थे। निगम सीमा में शामिल होने के बाद नए वार्डों के लोगों पर कर का बोझ बढ़ गया। उन्हें संपत्ति कर, बाजार बैठकी, नक्शा शुल्क, दुकानों का लायसेंस शुल्क चुकाना होता है। लेकिन इस अनुपात में विकास के काम नहीं हुए। नए वार्डों के पिछड़ेपन का मुद्दा पांच साल निगम के सदन से लेकर जिला योजना समिति की बैठकों और शासन स्तर पर गरमाता रहा। वित्त आयोग के सामने भी ये सवाल उठा था कि गांवों को निगम सीमा में शामिल तो कर दिया गया लेकिन विकास निधि मुहैया नहीं कराई गई। नतीजतन इन वार्डों में मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विकास नहीं हो पा रहा है।
ये गांव हुए थे शामिल
रमनगरा, दलपतपुर, चौकीताल, छीतापार, तेवर, पिंडरई, कुं गवां, अंधुआ, बहदन, मोहनिया, परसवारा, बसहा, कचनारी, लमती, रक्सा, करमेता, रिमझा, सिमरिया, रैंगवा, नंदना, नंदनी रौसरा, खमरिया, ओरिया, छिवला, जमतरा, परसवारा, भटौली, तिलहरी, गौरैयाघाट, कटियाघाट, चकदेही, गधेरी, चंदेली, महगवां, सुखललपुर, मानेगांव, मोहनिया, बिलपुरा, मड़ई, रिछाई, पिपरिया, उर्दुआ, खैरी, चाटी, महाराजपुर, सुहागी, गुरदा, कुदवारी, अमखेरा, कठौंदा, खमरिया।