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अब यहां आठ गुना बढ़ गई कोरोना नमूनों की जांच

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन का ट्रायल शुरू

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जबलपुर। कोरोना संक्रमण की शुरुआत में जबलपुर शहर में सिर्फ एनआइआरटीएच के पास कोरोना जांच के लिए लैब थी। तब इसमें प्रतिदिन करीब सौ नमूने की ही जांच हो रही थी। पहले मेडिकल कॉलेज ने 12 दिन में वायरोलॉजी लैब तैयार करके रेकॉर्ड बनाया। इसमें प्रतिदिन औसतन ढाई सौ नमूने जांचें जा रहे थे। अब नई मशीन की स्थापना से लैब की जांच क्षमता बढ़कर तकरीबन प्रतिदिन पांच सौ के करीब होने जा रही है। विक्टोरिया अस्पताल में दो ट्रूनेट मशीन से प्रतिदिन पचास से साठ के बीच नमूने की जांच रही है। इसके साथ ही एनआइआरटीएच में भी जांच क्षमता बढ़ गई है। इससे शहर में चार महीने में ही कोरोना नमूने की प्रतिदिन जांच क्षमता अब बढ़कर आठ सौ के करीब होने जा रही है।

मेडिकल कॉलेज में टेस्ट के दौरान कोरोना संदिग्ध के 90 नमूने के आरएनए एक्सट्रक्शन में करीब चार से पांच घंटे का समय लगता है। लेकिन अब इतने ही नमूनों के लिए महज 45 मिनट का समय लगेगा। वायरोलॉजी लैब में आई ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन से पीसीआर टेस्ट की प्रक्रिया आसान होने जा रही है। इस मशीन को इंस्टॉल करने के बाद शुक्रवार की रात को ट्रायल लिया गया। सब कुछ ठीक रहा तो नई मशीन में शनिवार से रूटीन टेस्ट शुरू हो जाएंगे।
विक्टोरिया जिला अस्पताल : ट्रूनेट मशीन
कोरोना से युद्ध में टीबी जांच के लिए आयी ट्रूनेट मशीन सहायक साबित हुई है। विक्टोरिया अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से कोरोना संदिग्धों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अस्पताल में कोरोना जांच के दौरान दो पोर्टेबल मशीन का उपयोग किया जा रहा है। नमूने को पहले एक मशीन में लगाया जाता है। लाइजनिंग होती है। उसके बाद मिले नमूने को कोरोना टेस्ट के लिए दूसरी मशीन में इन्सर्ट किया जाता है। करीब डेढ़ घंटे की प्रक्रिया में प्रारंभिक नतीजे मिलते है। पॉजिटिव आने पर कोरोना कन्फर्म किट में नमूने को लेकर मशीन में दोबारा इन्सर्ट किया जाता है। इसमें आधे घंटे में ऑटोमेटिक रिपोर्ट मिल जाती है। सेकेंड टाइम भी पॉजिटिव होने पर संबंधित नमूने में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि की जाती है। ट्रूनेट में मशीन में एक बार में दो नमूने ही किट में रखकर इन्सर्ट किए जा सकते है। एक मशीन दिन में करीब 25-30 नमूने की जांच करती है। दो मशीन होने से प्रतिदिन 50-60 कोरोना टेस्ट हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज : ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन
वायरोलॉजी लैब में अभी तक कोरोना की जांच प्रक्रिया के दौरान आरएनए एक्सट्रक्शन के लिए मेनुअल प्रक्रिया हो रही है। डॉक्टर्स की निगरानी में तकनीकी सहायकों की टीम दो से ढाई घंटे में 48 नमूने का आरएनए एक्सट्रक्शन पूरा करते है। एक्ट्रक् शन की प्रोसेसिंग में करीब 6-7 स्टेप होते है। यह बेहद जटिल माने जाते हैं। पीसीआर टेस्ट में दूसरे में नमूने से आरएनए को अलग करने की जटिल प्रक्रिया को ऑटो आरएनए एक्ट्रक्शन मशीन में सिर्फ जरुरी कमांड देकर एक बार में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए नमूने को किट में लेकर मशीन में इन्सर्ट किया जाएगा। एक बार में 96 सेम्पल का स्लॉट मशीन में इन्सर्ट किया जा सकेगा। मशीन चालीस मिनट में ऑटोमेटिक आरएनए एक्सट्रशन करके नमूने बाहर कर देगा। इस नमूने को आगे की प्रक्रिया में लेकर पीसीआर टेस्ट पूरा किया जाएगा। पीसीआर टेस्ट का दूसरा चरण ऑटोमेटिक हो जाने से बाकी मेन पॉवर से अन्य प्रक्रिया की गति बढ़ जाएगी। नई मशीन से जांच क्षमता बढऩे से पहले वायरोलॉजी लैब ने शुक्रवार को कोरोना के 10 हजार टेस्ट पूरे कर लिए। लैब की स्थापना के बाद कम समय में ही ज्यादा संख्या में नमूनों की जांच हुई। लगातार नमूने बढऩे और बैकलॉग घटाने के लिए लैब में चौबीस घंटे लगातार काम हुआ। तीन से चार अलग-अलग शिफ्ट में काम करके कर्मचारियों ने सीमित संसाधान में एक ही दिन में 371 नमूने जांचनें का भी रेकॉर्ड बनाया।