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MP: मोबाइल और टेबलेट से होने लगा रेल ट्रैक का मैनेजमेंट

पेपरलेस वर्कः डिजीटल भारत अभियान में एक बड़ा कदम,  जबलपुर जोन के तीनों डिवीजन सहित देश के 68 रेल डिवीजनों में ई-सक्षम ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम...।

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Prem Shankar Tiwari

Jan 15, 2016


जबलपुर। डिजीटल भारत अभियान में एक बड़ा कदम उठाते हुए रेलवे ने जबलपुर जोन के तीनों डिवीजन सहित देश के 68 रेल डिवीजनों में ई-सक्षम ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) लागू कर दिया है। इसके साथ ही रेलवे के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में ई-वर्किंग शुरू भी हो गई है।

कनिष्ठ अभियंता, इंजीनियर, अफसर तक टेबलेट, मोबाइल में वो पूरा काम ऑनलाइन करेंगे, जो अब तक कागजों पर होता आया है। इससे रजिस्टर, फाइल, रिपोर्ट सम्बंधी कागजी कार्रवाई से जहां मुक्ति मिल जाएगी, वहीं हर साल करोड़ों रुपए की बचत व आय भी होगी।

सब ऑनलाइन रेलवे बोर्ड से कनेक्ट
फील्ड में काम कर रहे अभियंता हों या चेम्बर में बैठे वरिष्ठ अफसर। सब ऑनलाइन रेलवे बोर्ड से कनेक्ट करेंगे। सभी को ई-वॢकंग करनी होगी। निरीक्षण, रिपोर्ट सहित तमाम डाटा निर्धारित फॉर्मेट में फीड करना होगा। इससे जोन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी किसी भी समय अपने डिवीजन की योजनाओं, वर्किंग का जायजा ले सकेंगे। रेलवे बोर्ड सीधे समीक्षा कर किसी को भी ऑनलाइन निर्देश भेज सकेगा। टीएमएस से टै्रक निरीक्षण, निगरानी व रख-रखाव की विभिन्न गतिविधियां आईटी मंच पर आ गई हैं।


ये होगा लाभ
- रेलवे से हट जाएंगे एक लाख रजिस्टर
- 500 पेड़ हर साल कटने से बचेंगे
- केन्द्रीयकृत हो जाएगा पूरा डाटा
- तत्काल मिलेंगे ई-मेल व एसएमएस से निर्देश
- ट्रैक निरीक्षण, निगरानी व रख-रखाव होगा आसान
- स्क्रैप निपटान में होगी आसानी
- उत्तर रेलवे में हुआ पायलट कार्यान्वयन


पश्चिम मध्य रेल सहित पूरे भारतीय रेल में ई-सक्षम ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) लागू कर दिया गया है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग पूरे काम ई-वॄकग के माध्यम से करेगा। टेबलेट पर काम होगा और पूरा डाटा सॉफ्टवेयर में रखना होगा। फाइल, रजिस्टर, कागज का उपयोग बंद हो जाएगा।
- सुरेन्द्र यादव, सीपीआरओ, जबलपुर जोन

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