
Municipal Corporation Jabalpur
ये है स्थिति
- ८४०० भवन निर्माणाधीन
- ७०० करोड़ रुपए है अनुमानित निर्माण लागत
- ०६ साइट पर निर्माण कार्य जारी
श्रेणीवार निर्माणाधीन भवन
- ५११२ इडब्ल्यूएस
- १८४८ एलआइजी
- ११४० एमआइजी
जबलपुर। अब तक जबलपुर शहर के कुछ क्षेत्रों में ही रिहायशी इलाकों का विस्तार हुआ है। नगर निगम की सीमा का विस्तार तो हुआ पर उस अनुपात में नए वार्डों में टाउनशिप विकसित नहीं हो रही थी। अब नगर के चारों ओर विकसित हो रही नगर निगम की टाउनशिप ने शहर के विस्तार की राह खोल दी है। हर वर्ग के लोगों की आशियाना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निगम एलआइजी, एमआइजी व इडब्ल्यूएस श्रेणी में भवनों का निर्माण करा रहा है। एक साथ छह साइट पर टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। इनमें मोहनिया (रांझी), कुदवारी (अमखेरा मार्ग), तेवर, परसवाड़ा फे ज-१, परसवाड़ा फे ज-२ और तिलहरी शामिल हैं। निर्माण एजेंसियों और हाउसिंग बोर्ड ने अभी तक शहर के कुछ क्षेत्रों में ही आवासीय कॉलोनियां विकसित की हैं। जेडीए ने शक्ति नगर, विजय नगर, बाजनामठ, रांझी में और हाउसिंग बोर्ड ने ज्यादातर टाउनशिप धनवंतरि नगर, हाथीताल कॉलोनी व महाराजपुर में कॉलोनियां विकसित की हैं। हालांकि बिल्डर्स ने नगर को विस्तार देने की दिशा में काफी काम किया, पर मुख्य शहर से बाहर के उनके अधिकतर प्रोजेक्ट अधूरे हैं। पीएम की हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत नगर निगम प्रशासन नगर की चारों दिशाओं मेें टाउनशिप विकसित कर रहा है। नगर निगम कार्यपालन यंत्री सुनील दुबे ने बताया कि शहरवासियों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छह साइट पर इडब्ल्यूएस, एलआइजी और एमआइजी श्रेणी में भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इंजी. संजय वर्मा का कहना है कि जबलपुर को महानगर का स्वरूप देने के लिए नगर के चारों ओर समग्र विकास आवश्यक है। जेडीए व हाउसिंग बोर्ड ने कुछ इलाकों में ही आवासीय कॉलोनियां विकसित की हैं। एेसे में नगर के चारों ओर छह साइट पर टाउनशिप विकसित करने का प्रोजेक्ट निगम की अच्छी पहल है। इससे नगर के विकास को गति मिलेगी।
Published on:
01 Dec 2020 07:53 pm
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