Nurses job : इस शहर में पढाई पूरी होते ही मिल जाती है जॉब, नर्सिंग कॅरियर के लिए बेस्ट सिटी
जबलपुर। वैसे तो नर्सिंग स्टाफ की हमेशा से ही मांग रही है, लेकिन कोविड काल के बाद से इसकी डिमांड में जबरदस्त उछाल आया है। मेडिकल फील्ड में नर्सिंग स्टाफ की सबसे ज्यादा कमी है। स्टेला पीटर, प्रिंसिपल, गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज के अनुसार जहां 3 मरीजों पर 1 नर्स होनी चाहिए, वहीं 10 से 15 मरीजों पर 1 नर्स सेवा दे रही है। करीब ढाई साल चले कोविड काल तक नर्सेस ने सेवा, समर्पण, त्याग और बलिदान की मिसाल पेश की हैं। जीएनएम से लेकर पीएचडी नर्सिंग तक का सफर तय किया जा सकता है। योग्यता के अनुसार स्वयं को पदोन्नत करने अवसर भी मिलते हें। इस फील्ड में जैसे जैसे शिक्षा बढ़ती है नॉलेज के साथ स्किल भी डेवलप होती जाती है। अपग्रेटेड नर्सिग केयर व सर्विस देने वालों की सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स में डिमांड हमेशा बनी रहती है।
4000 स्टूडेंट
शहर में करीब चार हजार स्टूडेंट्स नर्सिग की पढ़ाई कर रहे हैं। इनके अलावा हजारों की संख्या में एएनएम, जीएनएम, बीएससी, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, नर्स प्रेक्टिसनर कोर्स भी कर रहे हैं। इनमें प्रवेश के लिए बायो साइंस से 12वीं पास होना आवश्यक है। सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए प्री नर्सिंग टेस्ट निकालना आवश्यक है। वहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज से एमएससी नर्सिंग करने के लिए एंट्रेंस टेस्ट देना होता है।
पढ़ाई बाद सीधे जॉब
जानकारी के अनुसार सिटी में नर्सिंग की पढ़ाई करने वालों की डिमांड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पढ़ाई पूरी होते ही किसी न किसी हॉस्पिटल या अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में जॉब ऑफर हो जाती है।
शहर में करीब 6 हजार ट्रेंड एक्टिव नर्सेस
शहर में बढ़ते हेल्थ कल्चर को देखते हुए बड़ी संख्या में प्राइवेट हॉस्पिल खुले हैं। गवर्नमेंट व प्राइवेट हॉस्पिटल व हेल्थ केयर सेंटर्स में करीब 6 हजार ट्रेंड एक्टिव नर्सेस सर्विस दे रही हैं।