कोरोना के इलाज को अधिग्रहीत होंगे नर्सिंग होम

-कलेक्टर ने नर्सिंग होम संचालकों को दिए निर्देश

By: Ajay Chaturvedi

Published: 15 Jul 2020, 01:15 PM IST

जबलपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण में लगातार तेजी के मद्देनजर अब सिर्फ सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहना मुश्किल होता दिख रहा है। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने नर्सिंग होम अधिग्रहीत करने का निर्णय किया है। इस संबंध में कलेक्टर भरत यादव ने नर्सिंग होम संचालकों से बातचीत में प्रशासन की मंशा स्पष्ट कर दी है।

कलेक्टर भरत यादव ने नर्सिंग होम एसोसिएशन व आइएमए के पदाधिकारियों से कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के बाबत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर किसी भी निजी अस्पताल को अधिग्रहीत किया जा सकता है। ऐसे में नर्सिंग होम संचालक ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहें। कलेक्टर ने कहा कि निजी अस्पतालों के संचालक आपस में चर्चा कर यह तय कर लें की जरूरत पड़ने पर प्रशासन पहले किस अस्पताल का अधिग्रहण करें। उन्होंने कहा कि अधिग्रहीत निजी अस्पतालों को शासन द्वारा निर्धारित पैकेज के अनुसार राशि का भुगतान किया जाएगा। निजी अस्पताल संचालक चाहें तो कोरोना के उन मरीजों को भर्ती कर उपचार कर सकेंगे जो स्वयं खर्च वहन करने में सक्षम हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत पात्र कोरोना के मरीजों को उपचार की सुविधा के लिए निजी अस्पतालों को बिस्तर आरक्षित करने होंगे।

कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए सुपर स्पेशियलिटी व विक्टोरिया अस्पताल के शेष हिस्से को आरक्षित नहीं किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सिर्फ कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा।

कलेक्टर ने बताया कि रेलवे और मिलिट्री हॉस्पिटल में मॉडरेट लक्षणों वाले कोरोना मरीज भर्ती होंगे। इसके अलावा सुखसागर मेडिकल कॉलेज और रांझी स्थित ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय के छात्रावास में कोरोना के सामान्य लक्षण वाले मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाएगा। रामपुर स्थित बैगा छात्रावास एवं इंजीनियरिंग कॉलेज रांझी के छात्रावास सहित जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित छात्रावासों को क्वारंटीन सेंटर बनाया जायेगा।

कलेक्टर यादव ने बैठक में स्पष्ट किया कि निजी अस्पतालों को प्रत्येक मरीज को उपचार मुहैया कराना होगा। कोई भी अस्पताल किसी भी मरीज का इलाज करने से मना नहीं कर सकता। कोरोना संदिग्ध मरीज को भी भर्ती कर उसका उपचार होगा, उसके सैंपल की जांच करानी होगी। सैंपल निजी अस्पताल द्वारा ही लिया जाएगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मेडिकल व विक्टोरिया की टीम मरीज को कहीं और भेजने का निर्णय लेगी। इसलिए प्रत्येक अस्पताल आइसोलेशन वार्ड में बिस्तर आरक्षित कर लें।

नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार ने कहा कि निजी अस्पताल संचालक प्रशासन को हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। उन्होंने कोरोना के लिए तय प्रोटोकॉल व गाइड लाइन की भी जानकारी दी।

बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया, डॉ. राजेश धीरावाणी,आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

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