
जबलपुर. रक्षा कंपनियां बनने के बाद आयुध निर्माणियों में नई भर्तियां शुरू हो गई हैं। म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड की इकाई आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) ने पहली बार संविदा आधार पर 200 पद निकाले हैं। इससे फैक्ट्री को उत्पादन करने में आसानी होगी। शहर की तीन दूसरी आयुध निर्माणियों की तरफ से पदों को भरने के लिए अपने हेडक्वार्टर प्रस्ताव भेजे जा रहे है।
यह पहला अवसर है जब आयुध निर्माणी बोर्ड के विघटन के बाद अस्तित्व में आई सात रक्षा कंपनियाें में म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआइएल) ने भर्ती शुरू की है। इस कंपनी के अंतर्गत सेना के लिए एमुनेशन तैयार करने वाली तकरीबन 12 आयुध निर्माणियां हैं। इनके पास बड़ा वर्कलोड है। हाल में चेयरमैन की तरफ से इसकी हरी झंडी दी गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए संविदा आधार पर भर्ती की जा रही है। यानि अब नियमित भर्ती की प्रक्रिया पर एक तरह से विराम लग गया है।
यह तय की गई योग्यता
अभी जो पद निकाले गए हैं, वह डेंजर बिल्डिंग वर्कर (डीबीडब्ल्यू) के हैं। इनका काम यहां बनने वाले बमों में बारूद भरने का होता है। इसमें एओसीपी ट्रेड के भूतपूर्व प्रशिक्षित अप्रेंटिस को अवसर मिलेगा। इनके लिए आयुध निर्माणियों में सैन्य आयुध व विस्फोटक के उत्पादन एवं रखरखाव का प्रशिक्षण व अनुभव अनिवार्य किया गया है। हर माह लगभग 25 हजार रुपए वेतन इन्हें मिलेगा। पहले एक साल के लिए संविदा भर्ती की जाएगी फिर इस अवधि को चार साल और बढ़ाया जा सकेगा।
भूतपूर्व सैनिकों को अवसर
इस भर्ती में सभी वर्गों के लिए पदों का आरक्षण किया गया है। भूतपूर्व सैनिक भी इसमें भागीदारी कर सकेंगे। ज्ञात हो कि अभी तक फैक्ट्री में ठेका श्रमिकों की भर्ती होती थी। इसमें ठेका फर्म श्रमिक उपलब्ध करवाती थीं। लेकिन अब व्यवस्था बदली है, इसमें कर्मचारी सीधे संविधा आधार पर नौकरी करेगा।
एमआइएल के माध्यम से संविदा के आधार पर डीबीडब्ल्यू पद के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। नई भर्ती होने से निर्माणी में उत्पादन का काम और आसान हो सकेगा।
आरके कुम्हार, जनसंपर्क अधिकारी, ओएफके
Published on:
04 Jun 2023 01:11 pm
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