
Rani Durgawati University
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जो सिर्फ संस्कारधानी और प्रदेश की नहीं, बल्कि देश और विदेशों तक में जाना जाता है। इसका कारण सिर्फ यहां से पढ़कर निकली प्रतिभाओं की शिक्षा ही नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और खेल के साथ अन्य गतिविधियों में इस विश्वविद्यालय का आगे होना भी है। सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि ओशो, हरिशंकर परसाई और महर्षि महेश योगी तक यूनिवर्सिटी का हिस्सा रह चुके हैं। शिक्षा से परिपूर्ण संस्कारधानी को शिक्षाधानी और साहित्यधानी बनाने में इन सभी का बड़ा योगदान रहा है। 12 जून को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के मौके पर आइए जानते हैं शिक्षा की इस आधारशिला के वृक्ष में कला और संस्कृति के साथ अन्य हिस्से किस तरह से पल्लवित हो रहे हैं।
राजनीति के क्षेत्र में पाया मुकाम
यहां से पढ़कर निकले लोग जहां राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय हो चुके हैं, वहीं कला और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़कर वे विदेशों तक में यूनिवर्सिटी के नाम का डंका बजा चुके हैं। यहां से पढ़कर निकले प्रहलाद पटेल ने वर्तमान में केन्द्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संभाला है। वहीं वरिष्ठ नेता शरद यादव भी यहीं से पढ़कर निकले हैं। इतना ही नहीं सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह जैसी कई बड़ी शख्सियत जो राजनीति में चमक रहीं हैं, वे सभी यूनिवर्सिटी से ही पढ़कर निकले हैं।
ये रहीं हैं उपलब्धियां
नेशनल स्तर पर राजनीति विज्ञान का सेंटर खुला, जहां कोई भी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकता है।
युवाओं को रोजगार देने के लिए 5 प्लेसमेंट कैम्प लगाए गए।
सांस्कृतिक में सात सालों में ओवरऑल स्टेट में चैम्पियन
सांस्कृतिक में ही नेशनल और इंटरनेशनल में अहीर नृत्य में चैम्पियन
जोनल लेवल पर स्पोट्र्स टूर्नामेंट
राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं
बायो डिजाइन सेंटर के लिए अवॉर्ड
समय से पहले परीक्षा परिणाम घोषित करने का रिकॉर्ड, सीबीसीएस सिस्टम लागू करने वाले प्रदेश का प्रथम विवि
यूनिवर्सिटी ने निरंतर अपने सफर में कई ऊंचाइयों को छुआ है। शिक्षा से लेकर संस्कृति और साहित्यिक क्षेत्र में भी यूनिवर्सिटी और यहां के छात्र और पूर्व छात्र छाए हुए हैं।
प्रो. केडी मिश्र, कुलपति
Published on:
12 Jun 2019 07:38 pm
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