जबलपुर . नाग-नागिन (nag-nagin) के किस्से आपने बहुत सुने होंगे। इन्हीं में से एक प्रजाति होती है पद्मा नागिन। इसकी लंबाई ज्यादा नहीं होती है, लेकिन इसमें गजब का फुर्तीलापन पाया जाता है। पलक झपकते यह अपना काम कर जाती है। यह लुत्पप्राय की श्रेणी में आ चुकी है। हम आज आपको सावन माह के उपलक्ष्य में पद्मा नागिन (padma nagin) का दर्शन कराएंगे।
पूजन के स्थान पर बैठी थी नागिन
शास्त्री नगर गढ़ा जबलपुर (jabalpur) निवासी अभिषेक चौकसे के निवास पर पूजन कक्ष में नागिन बैठी होने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ लग गई। दुर्लभ प्रजाति की नागिन को देखने लगी भीड़ (people) में लोगों में दहशत भी दिखी, क्योंकि नागिन के फुर्तीलेपन के किस्से सुने हैं।
सर्प विशेषज्ञ ने किया रेस्क्यू
चौकसे ने सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे को घर पर नागिन होने की सूचना दी। सूचना पर पहुंचे सर्प विशेषज्ञ ने आधे घंटे में नागिन को पकड़ पाए। तब जाकर परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली। सर्प विशेषज्ञ ने नागिन को पकडऩे के बाद बरगी के जंगल में छोड़ दिया।
दुर्लभ प्रजाति
सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे ने बताया कि यह दुर्लभ प्रजाति है, इसे पद्मा नागिन के नाम से जाना जाता है। इसका विष (Toxin) बहुत प्रबल होता है। इसक डसने पर आधा घंटे के अंदर मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं मिले तो आदमी का मरना तय है।
ये है घटना
दोपहर 2.30 बजे अभिषेक चौकसे की पत्नी घर के पूजन कक्ष (Worship room) में पूजा करने के लिए गईं तो फुफकारने की आवाज आई। वह दहशत में आ गईं और पति को आवाज लगाई। पति (husband) ने आकर देखा तो पूजन कक्ष में भगवान शिव के फोटो के पास फन फैलाए नागिन बैठी थी। चौकसे ने बताया कि घर में छोटे चूहे हैं शायद इसीलिए नागिन पूजा कक्ष में पहुंच गई।
धार्मिक चर्चा भी
पूजन कक्ष में नागिन के बैठे होने को लेकर लोग धर्म से जोडकऱ भी घटना को लेकर चर्चा करते नजर आए। लोगों का कहना था कि सावन महीने में नागिन का दिखना शुभकारी है। भगवान शिव को नाग-नागन अतिप्रिय होते हैं। इसीलिए नागिन शिव प्रतिमा के पास बैठी थी। लोगों ने पद्मा नागिन का पूजन भी किया।