
Padman Akshay Kumar latest update in hindi
कटनी। महिलाओं व युवतियों की आंतरिक सुरक्षा को लेकर केन्द्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक करोड़ों रुपयों की योजनाएं चला रही है। वहीं बॉलीवुड भी इन योजनाओं को भुनाने में कोई कमी नहीं कर रहा है। अक्षय कुमार अभिनीत टॉयलेट एक प्रेमकथा के बाद अब वे पैडमैन के जरिया दर्शकों से रूबरू होने वाले हैं। जिससे महिलाओं, खासकर किशोरियों की सुरक्षा पर केन्द्रित फिल्म से ये संदेश देते नजर आएंगे कि उन्हें किस तरह से सुरक्षित जीवन दिया जा सकता है। एक छोटी सी पहल से कैसे पैडमैन राष्ट्रीय फिगर बना इस फिल्म में दिखाया जाएगा। फिल्म की रिलीज तो अभी तय नहीं हुई है, लेकिन उन्हीं की तरह यहां के जेल प्रशासन ने एक पहल जरूर की है। बंदी महिलाओं से वे अब सेनेटरी नैपकीन बनवाकर बाजार में उतारेगा। इससे जहां बंदी महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं उनकी सुरक्षा का भी काम होगा।
जेल की चार दीवारी के भीतर भी कौशल उन्नयन, थोड़ा अजीब लगती है। लेकिन कटनी में यह सार्थक हुआ है। जिला प्रशासन ने जेल में बंदी महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन के निर्माण का प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया। प्रारंभ भी हो चुका है। जेल में महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही प्रशिक्षक महिला ने बताया कि वर्तमान में 16 महिलायें प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं। इनका परफार्मेंस बेहतर है। धीरे-धीरे इनकी रफ्तार बढ़ेगी। जिससे अच्छा प्रोडक्शन भी होगा।
कटनी जेल मे सेनेट्ररी नेपकिन मशीन की 2 यूनिट स्थापित की गई है। निर्मित नेपकिन में उच्च स्तरीय कच्चा माल प्रयोग में लाया जा रहा है, एवं स्वच्छता के मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है। सीलिंग मशीन, यू वी स्टेरलाईजर एवं पलवाराईजर द्वारा सेनेटरी नेपकिन का निर्माण किया जा रहा है। प्रशिक्षित महिलाओ द्वारा सेनेटरी नेपकिन का निर्माण जेल परिसर में ही किया जाएगा।
प्रथम प्रयास मे उनके द्वारा निर्मित सेनेट्ररी नेपकिन को महिला बाल विकास विभाग के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित उदिता कार्नर, शासकीय कन्या छात्रावासों में आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सेनेटरी नेपकिन की सुलभ उपलब्धता एवं किशोरी बालिकाओं में नेपकिन के प्रयोग को प्रोत्साहन के लिए महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।
महिलाओं को सिखाएं कागज की पैकेजिंग
जेल में नेपकिन निर्माण का जायजा लेने कलेक्टर विशेष गढ़पाले मंगलवार को कटनी जेल पहुंचे। उन्होंने जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी को अगले चरण में इन बंदी महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे सैनेटरी नैपकिन के लिये मार्केट विकसित करने, एक ब्रांड नाम रखकर मार्केटिंग करने और पैकेजिंग के लिए कागज की थैलियों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पत्रिका को बताया कि जेल की चार दीवारी के अंदर महिलाओं को हुनरमंद बना रहे हैं, ताकि वे आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकें।
Published on:
10 Jan 2018 04:37 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
