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जबलपुर। पड़ोसी से प्रेम संबंध बने रहने चाहिए, क्योंकि आपात स्थिति में वहीं सबसे पहले काम आता है। लेकिन अब लोग पड़ोसियों और उनकी महिलाओं पर बुरी नजर रखने लगे हैं। इससे सुरक्षा का भाव पैदा होने के बजाए असुरक्षा ज्यादा देखी जा रही है। जबलपुर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब पड़ोस में रहने वाली बच्चियों, किशोरियों व महिलाओं को उनके पड़ोसियों ने ही हवस का शिकार बनाया या इसके लिए प्रयास किया है। ये मामला एक अधेड़ व्यक्ति का है। जिसे कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाकर महिला को इंसाफ दिलाने का प्रयास किया है।
जिला अदालत ने 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया
ये है मामला
जिला अदालत ने महिला से दुष्कर्म के आरोप में माढ़ोताल निवासी अधेड़ को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्तसत्र न्यायाधीश इंदिरा सिंह की कोर्ट ने आरोपी को दोषसिद्ध करार देकर उस पर 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। अतिरिक्तलोक अभियोजक कुक्कू दत्त के अनुसार घरों में झाडू-पोंछा लगाकर जीवन यापन करने वाली माढ़ोताल थाना अंतर्गत राजीव गांधी नगर निवासी महिला नौ दिसम्बर 2014 की रात नौ बजे घर पर अकेली थी। तभी पड़ोस में रहने वाला 50 वर्षीय चंद्रमोहन कटारे जबरन उसके घर में घुस आया। दरवाजा बंद करने के बाद उसने ने उसका मुंह दबाकर जबरदस्ती की। मुंह पर आरोपी की पकड़ कम होते ही उसने शोर मचाया, तो पड़ोसी आ गए। इसके बाद आरोपी भाग गया। माढ़ोताल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 450 का प्रकरण दर्ज किया। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उक्त धाराओं के तहत अपराधी करार देकर सजा व जुर्माने से दंडित किया।
... और यहां जल्द ही दर्ज होंगे पीडि़त महिला के बयान
इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस में महिला यात्री से छेड़छाड़ के मामले में जीआरपी ने आरोपी आरपीएफ डीआइजी विजय खातरकर के खिलाफ चालान पेश कर दिया है। नरसिंहपुर न्यायालय में पेश किए गए चालान के बाद अब कोर्ट पीडि़त महिला समेत अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही दर्ज करेगी। इसके बाद डीआइजी खातरकर के बयान दर्ज होंगे। जिसके बाद अभियोजन व बचाव पक्ष के बीच कोर्ट में बहस होगी। सभी गवाहों की गवाही कोर्ट में हो सके, इसके लिए जीआरपी ने पीडि़त महिला समेत गवाहों से फॉलोअप करना शुरू कर दिया है।
पहले पूरा चालान देखा, फिर भेजा :
कोर्ट में चालान पेश करने के पूर्व जीआरपी द्वारा अभियोजन पक्ष के वकील को पूरा चालान दिखाया गया। अभियोजन ने पूरे चालान को बारीकी से पढ़ा। चालान के साथ सम्मलित साक्ष्यों को देखा। इसके बाद अभियोजन द्वारा कोर्ट में चालान पेश कराया गया।
Updated on:
24 Jul 2019 01:17 pm
Published on:
24 Jul 2019 01:05 pm
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