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आज का पंचांग/ 3 अक्टूबर, गुरुवार के मुहूर्त, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार दिन के शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

आज का पंचांग/ 3 अक्टूबर, गुरुवार के मुहूर्त, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार दिन के शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

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जबलपुर/ शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441, मु.मास: सफर तारीख 3, अयन : दक्षिणायन, ऋतु : शरद, मास : आश्विन, पक्ष : शुक्ल
तिथि - दोपहर 3.8 तक पूर्णा तिथि पंचमी उपरंात नंदा तिथि षष्ठी रहेगी। पूर्णा तिथि सभी प्रकार के कार्यों हेतु शुभ तथा मंगलकारी मानी जाती है। इस तिथि में विवाह, व्यापार, ग्रहप्रवेश, गृहारंभ, विपणिव्यापार, क्रय विक्रय जैसे कार्य अत्यंत शुभ तथा कल्याणकारी माने जाते हैं। नंदा तिथि भी इस तरह के कार्य हेतु अत्यंत सुखद मानी जाती है।
योग- प्रात: 9.7 तक प्रीति उपरंात आयुष्मान योग रहेगा। दोनों ही योग शुभ तथा मंगलकारी माने जाते हैं।
विशिष्ट योगर्- सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ पूर्णा तिथि पंचमी का सुंदर योग सभी प्रकार के कार्य हेतु शुभ तथा सुखद हैं।
करण- सूर्योदय काल से बालव उपरंात कौलव तदनंंतर गर करण का प्रवेश होगा। करण सामान्य है।

नक्षत्र- मिश्रसंज्ञक तिर्यड़मुख नक्षत्र अनुराधा शाम 5.48 तक उपरंात तीक्ष्णसंंज्ञक नक्षत्र ज्येष्ठा रहेगा। अनुराधा नक्षत्र सभी प्रकार के मंगल कार्यों हेतु मंगलकारी माना जाता है। वहीं ज्येष्ठा गड़ात मूल संज्ञक नक्षत्र है, इस नक्षत्र में जन्मे जातकों की मूल शंाति करवाना जातक के जीवन में शुभता का संचार करने वाला माना जाता है।
शुभ मुहूर्त - आज पुंसवन, प्रसूति स्नान, नामकरण, अन्नप्रासन, पौधरोपण, नृत्यकलारंभ, सेवारंभ, भूमि क्रय विक्रय जैसे कार्यों का संपादन शुभ तथा सुखद रहेगा।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - आज प्रात: 6.00 से 7.30 शुभ दोपहर 10.30 से 3.00 चर, लाभ तथा अमृत रात्रि 6.00 से 9.00 चर तथा अमृत की चौघडिय़ा शुभ तथा मंगलकारी मानी जाती है।
व्रतोत्सव- आज नवरात्र महोत्सव में आज उपांग ललिता व्रत तथा स्कंधमाता का दर्शन पूजन, मंत्र जप अनुष्ठान शुभ सुखद रहेगा।
चन्द्रमा : दिवस रात्रि पर्यंत तक मंगल प्रधान राशि वृश्चिक राशि में संंचरण करेगा।

ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के कन्या राशि में गुरु वृश्चिक राशि में तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि पर स्थित हैं। सूर्य का हस्त नक्षत्र में संचरण रहेगा।
दिशाशूल: आज का दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहता है, इस दिशा की व्यापारिक यात्रा को यथा संभव टालना हितकर है। चन्द्रमा का वास उत्तर दिशा में है, सन्मुख एवं दाहिना चन्द्रमा शुभ माना जाता है।
राहुकाल: दोपहर 1.30.00 बजे से 3.00.00 बजे तक। (शुभ कार्य के लिए वर्जित)
आज जन्म लेने वाले बच्चे - आज जन्मे बालकों का नामाक्षर ना,नी,ने,नो अक्षर से आरंभ कर सकते हैं। अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बालकों की राशि वृश्चिक होगी। राशि स्वामी मंगल तथा रजतपाद पाया में जन्म माना जाएगा। वृश्चिक राशि के जातक प्राय: बुद्धिमान, मिलनसार, अनुशासन प्रिय, कलाप्रेमी, गीत संगीत में रुचि रखने वाले, कर्मठ स्वभाव, स्वतंत्र व्यवसाय के प्रति रुचि रखने वाले तथा परिवार के प्रति सेवाभावी रहते हैं।