कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, मौत का ग्राफ बढ़ने से दहशत

-नौ दिन में कोरोना से होने वाली मौत की संख्या पहुंची 16

By: Ajay Chaturvedi

Published: 02 Apr 2021, 11:03 AM IST

जबलपुर. कोरोना संक्रमण ने फिर से पुरानी रफ्तार पकड़ ली है। सबसे खतरनाक इससे होने वाली मौत है। कोरोना से होने वाली मौत से जिले में दहशत का आलम है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नौ दिनों में ही 16 लोगों की जान कोरोना के चलते हो चुकी है। वहीं जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 1328 तक पहुंच गई है।

वायरोलॉजी लैब से प्राप्त ताजा रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को 185 नए संक्रमित मिले जबकि 2 व्यक्तियों की मौत हो गई। लगातार नौवें दिन हुई मौत से पूरे जिले में दहशत का माहौल है। वहीं इतने ही दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या में लगभग तीन गुने का इजाफा हो गया है।

बताया जा रहा है कि सीमित संसाधनों के चलते जिले में मिले 1328 कोरोना संक्रमितों में से 849 होम आइसोलेशन में हैं। शेष मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में बुजुर्गों के अलावा 35 से 50 उम्र के लोग भी गंभीर रूप से संक्रमित हो रहे हैं। इनमें से कुछ की मृत्यु भी हुई है, जबकि पिछली बार गंभीर संक्रमण की चपेट में आने वाले बुजुर्ग अधिक थे।

जानकारी के मुताबिक 24 मार्च तक जिले में कोरोना के 217 मरीज अस्पतालों में भर्ती थे, जबकि बिस्तरों की संख्या 1156 थी। इनमें से शासकीय अस्पतालों में 55 और निजी अस्पतालों में 162 मरीज थे। लेकिन पिछले 9 दिनों में जिस रफ्तार से कोरोना के मरीज बढ़े है उस अनुपात में शासकीय अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या नहीं बढ़ी है। उधर निजी अस्पतालों में 50 बिस्तर ही बढ़े हैं। ये हाल तब है जब मरीजों की संख्या 1 अप्रैल तक बढ़कर 527 हो गई है।

मेडिकल कॉलेज में कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. संजय भारती कहते हैं कि पिछली बार के मुकाबले इस बार ज्यादा कोरोना का उग्र रूप दिखाई दे रहा है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहे अधिकतर मरीज गंभीर स्थिति में पहुँच रहे हैं। ऐसा लापरवाही के चलते हो रहा है। लक्षणों को अनदेखा कर, लोग कोविड टेस्ट नहीं करा रहे हैं, जो उन्हें खतरनाक स्थिति में पहुँचा रहा है। इस बार कम उम्र में भी कोरोना का गंभीर प्रभाव देखने मिल रहा है। ऐसे में लोगों को यह समझना होगा कि कोविड प्रोटोकॉल जैसे कि सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना बहुत जरूरी है। बहुत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने गुरुवार को आयोजित बैठक में निजी अस्पताल संचालकों से कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम में सहयोग की अपेक्षा करते हुए उन्हें कोविड मरीजों के उपचार के लिए राज्य शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधाओं, ऑक्सीजन एवं आईसीसीयू बेड की उपलब्धता तथा बेड ऑक्यूपेंसी की जानकारी ली।

उन्होंने कोविड मरीजों के उपचार के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित दरों की सूची, सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी अस्पताल संचालकों को दिए और यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई करने से भी नहीं चूकेंगे। बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार, डॉ. राजेश धीरावाणी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समेत सभी निजी अस्पतालों के संचालक मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि जबलपुर शहर में स्थित सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए फिलहाल ऑक्सीजन और आईसीयू सहित करीब 950 बिस्तर उपलब्ध हैं।

Ajay Chaturvedi
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