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जबलपुर. यदि सांसों की असली कीमत जाननी है तो उनके घर जाएं जिन्होंने कोरोना काल में ऑक्सीजन के लिए दर-दर ठोकरें खाईं। कुछ ने खुद जान गंवाई तो सैंकड़ों लोगों ने अपनों को खो दिया। ये अनमोल सांसें केवल प्रकृति से नि:शुल्क प्राप्त होती हैं, लेकिन हमें इनकी कद्र करना भी आना चाहिए। हमें भरा पूरा परिवेष मुफ्त में मिला है, इसलिए हम इसकी अहमियत नहीं समझ पा रहे हैं। इस बारिश संकल्प लें कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें बड़ा करेंगे। ये बात वृंदा फाउंडेशन की अध्यक्ष शिवानी पांडे ने गोकलपुर में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
जन सरोकारों को सराहा
पत्रिका हरित प्रदेश अभियान के अंतर्गत हुए पौधरोपण में शामिल हुए प्रकृति प्रेमियों ने 21 पौधे लगाए। इनमें आम, पीपल, आंवला, गुलमोहर आदि पौधे शामिल रहे। विक्की मारवे ने कहा पत्रिका के अभियानों में जन सरोकार की भावना निहित रहती है। फिर चाहे होली, दिवाली, दशहरा या रक्षाबंधन हर विशेष अवसर पर इनके द्वारा ऐसे अभियान या पहल की जाती है जो सीधे जनमानस से जुड़ी होती है। हमें गर्व है कि हम उनके हरित प्रदेश अभियान का हिस्सा बनकर भविष्य के लिए शुद्ध ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
बाल गृह अधीक्षक आकांक्षा सिंह ने परिसर में उपस्थित बच्चों को पौधों की देखरेख करने और उनसे मिलने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बताया। पौधरोपण के बाद प्रकृति संरक्षण और उसकी रक्षा का संकल्प कराया गया । बाल कल्याण समिति अध्यक्ष यशवेन्द्र ठगेले ने कहा हर पेड़ का अपना महत्व है। नीम कड़वी है, लेकिन औषधीय गुणों से भरपूर है। बरगद बड़ा है, लेकिन उसकी अपनी खूबियां हैं। पीपल खूब फैलकर स्थान लेता है, किंतु उससे कहीं अधिक ऑक्सीजन भी देता है। वातावरण को शुद्ध रखता है। इसलिए किसी भी ऐसे पौधे को नष्ट न करें जो बड़ा होकर पेड़ बनता है। इस मौके पर बाल कल्याण समिति सदस्य मनीष व्यास, हाउस मास्टर अनुज शर्मा, विजय सोलंकी, प्रकाश परिहार, आदि उपस्थित रहे।
Published on:
07 Jul 2023 12:02 pm
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