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कोई नहीं रहना चाहता इस गांव में, पलायन कर रहे लोग, जानिए क्या है वजह

पानी निकासी के एकमात्र नाले को बिल्डर्स ने निर्माण सामग्री से पूर दिया, नालियां भी जाम, दो साल पहले बरसात में जलप्लावन के चलते हुई थी वृद्ध की मौत

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People who started migrating from the fear of water drain

People who started migrating from the fear of water drain

जबलपुर. सात साल पूर्व मेडिकल कॉलेज के पीछे बसी अवैध बस्ती बालसागर से विस्थापित कर धनवंतरि नगर के समीप परसवारा लालबाबा में बसाए गए डेढ़ हजार लोगों की बदहाली चरम पर है। यहां बीती बरसातों के दौरान चार लोगों की मौत हो चुकी हैंं। खेतों से घिरे इलाके में वर्षाजल निकासी का साधन एकमात्र नाला है। इसे भी आवास योजना के तहत मकान बनाने वाले बिल्डर्स ने भवन निर्माण सामग्री डालकर पूर दिया है। जलप्लावन के भय का आलम यह है कि बरसात की आहट पाते ही बस्ती के लोग सुरक्षित जगहों पर पलायन करने लगे हैं।

नालियां चोक, नाले से निकासी बंद
क्षेत्रीय नागरिक राजू यादव बताते हैं कि परसवारा लालबाबा क्षेत्र में बालसागर से विस्थापित किए गए 1596 परिवारों को 2011 में बसाया गया था। बसाने के बाद से ही क्षेत्र में पानी के भराव की समस्या विकराल रूप में बनी हुई है। क्षेत्र से पानी की निकासी के समुचित इंजताम नहंी हैं। नाले-नालियों की सफाई अरसे से नहीं हुई है। इसकी वजह से बरसात का पानी घरों में घुसने की प्रबल आशंका बन गई है। बिल्डर्स द्वारा निर्माण सामग्री डंप करने की वजह से नाला भी लगभग बंद हो गया है।

तीन साल पहले हुई थी वृद्ध की मौत
क्षेत्रीय नागरिकों ने बताया कि 2015 की बरसात में परसवारा बस्ती की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई थीं। इसकी वजह से घर में अकेले रह रहे बुजुर्ग प्रेमलाल चक्रवर्ती का रात में स्वास्थ्य खराब होने की सूचना बस्ती के अन्य निवासियों कों नहीं मिल सकी। उसने इलाज के बिना दम तोड़ दिया था। लोगों बताते हैं कि बरसात में बस्ती जलमग्न टापू में तब्दील हो जाती है। यहां से पैदल आने-जाने वालों के पावों में लगातार पानी में चलने के चलते गलन व अन्य चर्मरोग हो जाते हैं।

नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। उपर से ठेकेदार ने नाले में ही रेत-गिट्टी पूर दी है। इनकी समय रहते सफाई नहीं हुई तो इस साल फिर लोगों की जान का खतरा है।
प्रेमलाल बाल्मीकि

हमारी शिकायतों पर नगर निगम व जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जलप्लावन की समस्या जानलेवा बन गई है। सरकार कहां है, समझ नहीं आता।
भागवती चक्रवर्ती


नाला चोक होने कह वजह से बस्ती के लोगों को नारकीय हालात में रहना पड़ रहा है। शिकायतें भी बेअसर हैं। नगर निगम को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर सफाई कराना चाहिए।
सुन्नू बर्मन

हम लोग बीते सात सालों से जलप्लावन का दंश भोग रहे हैं। बरसात में इसकी वजह से विषैले जीव-जंतु भी घरों में घुस आते हैं। कोई हम लोगों की सुध लेने नहीं आता।
मुकेश चौधरी

जनप्रतिनिधि बोले
नाले-नालियों की सफाई कराई जा रही है। बारिश शुरू होने से पहले सफाई का काम पूरा हो जाएगा। नाला बंद करने की शिकायत मिली है। मैं इसे देखता हूं।
गिरिजा नेकराम पटेल, पार्षद महाराणा प्रताप वार्ड