
period me vrat puja
जबलपुर। माहवारी के दौरान देव स्थानों को छूना, पूजन पाठ एवं रसोई में खाना बनाना भी शास्त्रों में वर्जित बताया गया है। पीरियड्स के दौरान इन कामों को करने से पाप लगता है। महिलाएं एवं युवतियां इससे बचने का प्रयास तो करती हैं, लेकिन फिर भी कई बार उन्हें ये काम करने पड़ जाते हैं। खासकर वर्तमान परिवेश में खाना बनाना मजबूरी बन गया है। ऐसे में पूरे साल में एक व्रत ऐसा भी आता है जो महिलाओं व मासिक धर्म से गुजरने वाली युवतियों के द्वारा जाने अनजाने में हुए पापों से मुक्ति दिलाकर उन्हें पुण्य का भागी बनाता है।
शास्त्रों के अनुसार गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी मनाई जाती है। इस दिन व्रत पूजन करने वाली युवतियों व महिलाओं को माहवारी या पीरियड्स के दौरान हुए जाने अनजाने पापों से मुक्ति दिलाता है। साथ ही वे स्वस्थ जीवन जीने लगती हैं। ऋषि पंचमी पर सप्तऋषियों के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। जिन्होंने समाज और जनमानस के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। ऋषियों के शिष्यों ने उनके संदेश को जनमानस तक पहुंचाया जिससे लोग दान पुण्य पूजन कर्म आदि करने लगे हैं।
Published on:
03 Sept 2019 05:05 pm
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