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लोन लेने वालों के लिए बुरी खबर, 17 लाख के लोन में वसूला जा रहा 48 लाख का ब्याज

चार सूदखोरों पर मामला दर्ज, 17 लाख कर्ज लिया, ब्याज समेत 48 लाख चुकाए, बकाया जस का तस

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जबलपुर. संदिग्ध परिस्थितियों में लापता दवा व्यापारी मुरलीधर डेंगरा के बेटे रवि डेंगरा (39) ने चार सूदखोरों से 17 लाख रुपए कर्ज लिया था। इसके एवज में वह सूदखोरों को 48 लाख रुपए दे चुका था। इसके बाद भी ब्याज का चक्कर खत्म नहीं हुआ। उसे घर भी बेचना पड़ा। रवि आर्थिक रूप से इतना टूट गया कि जनवरी में बेटे के स्कूल फीस भी जमा नहीं कर पाया। यह खुलासा सिविल लाइंस पुलिस की जांच में हुआ। पुलिस ने चार सूदखोरों पर बुधवार को कर्जा एक्ट और अवैध वसूली का मामला दर्ज किया।

ये है मामला
रेलवे पुल क्रमांक-२ के पास स्थित रैब्स अपार्टमेंट में रहने वाले व्यवसायी मुरलीधर डेंगरा का बेटा रवि डेंगरा (३९) मंगलवार दोपहर संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया। परिजनों ने सिविल लाइंस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। रवि घर में एक पत्र छोड़ गया था, जिसमें उसने सूदखोरों से परेशान होने की बात लिखी थी।

चार से पांच गुना चुकाया-सिविल लाइंस थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया, रवि ने मनीष यादव से ढाई लाख रुपए लिए थे। उसे ब्याज समेत साढ़े आठ लाख रुपए दे चुका था। रवि ने आशीष दुबे से भी साढ़े आठ लाख रुपए लिए थे। रवि ने उसे ब्याज समेत २० लाख रुपए चुाए। इसके अलावा दो लाख ८० हजार रुपए के बदले में में संतोष वेंकट को १२ लाख रुपए और तीन लाख ३८ हजार रुपए के एवज में सुशील जैन को ब्याज समेत आठ लाख रुपए चुकाए थे।

70 लाख में बेचा घर
जांच में खुलासा हुआ कि रवि ने मेडिकल की दुकान खोली थी, लेकिन उसे घाटा लगने पर उसे बंद कर दिया था। सूदखोरों का ब्याज चुकाने के लिए उसने ७० लाख रुपए में घर भी बेचा था। पुलिस के अनुसार रवि आर्थिक रूप से टूट चुका था। परिजनों ने पूछताछ में बताया कि जनवरी में तो रवि के पास इतने रुपए भी नहीं थे कि वह बेटे की स्कूल की फीस जमा कर सके।