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BREAKING NEWS : पीएम मोदी ने दुष्कर्म को लेकर कही ये बड़ी बात, मप्र के इस शहर का लिया नाम

पीएम मोदी ने दिल्ली से कहा दुष्कर्म आरोपी को फांसी की सजा सही, इस जिले की पूरे देश में चर्चा  

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PM Modi in Jaipur

PM Modi in Jaipur

कटनी। आजादी का 72 वां स्वतंत्रता दिवस का समारोह पूरे जिले में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में दुष्कर्म की घटनाओं से पीड़ित को तो कष्ट होता ही है, ऐसी घटनाओं से समाज का हर तबका दुखी होता है। जिसके भी कानों में ऐसी बातें पढ़ती है, उसका मन व्यथित हो जाता है। PM मोदी ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलवा रही है। कटनी में आरोपी को 5 दिन में सजा मिली है, राजस्थान में भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने दुष्कर्म के आरोपियों को जल्द सजा दिलाए जाने के मामले में कटनी जिले की घटना का उल्लेख किया।

news fact- दुष्कर्म के आरोपी को 5 दिन में सजा दिलाए जाने में कटनी के मामले का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस उद्बोधन में किया उल्लेख
जिला अभियोजन अधिकारी ने कहा स्पीडी ट्रायल में देश का रेयर मामला


देश का रेयर मामला
कटनी में दुष्कर्म के आरोपी को 5 दिन में सजा दिलाए जाने को लेकर जिला अभियोजन अधिकारी हनुमत शर्मा ने बताया कि यह देश का रेयर मामला है। स्पीडी ट्रायल का एकलौता उदाहरण है। जिसमें आरोप पत्र दाखिल होने के बाद लगातार 5 दिन तक ट्रायल चली और आरोपी को सजा दिलवाई गई।

यह है मामला

अभियोजन के अनुसार आरोपी राहुल उर्फ विनोद ने 13 मई 2017 को सुबह 9 बजे बालिका को टाफी का लालच देकर अगवा किया था। शहडोल बस स्टैण्ड के पीछे मैदान मेें ले जाकर बच्ची के साथ बलात्कार किया। गला दबाकर हत्या करने के बाद शव झाडिय़ों में छिपा दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्षी न होने के बावजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य के माध्यम से प्रकरण साबित किया गया।

परिणामस्वरूप इस नृशंस, जघन्य एवं घिनौने वीभत्स कृत्य के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश शहडोल आरके सिंह की कोर्ट ने आरोपी को 28 फरवरी 2018 को दोषसिद्ध करार दिया। मामले को विरल से विरलतम ठहराते हुए अपराधी को भादवि की धारा 376 (क) तथा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अधीन दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं भादवि की धारा 302 में मृत्युदण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में न्यायालय द्वारा परीक्षण के दौरान 21 साक्षियों का परीक्षण किया गया।a