मृतका पल्लवी सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक की कियोस्क बैंकिंग की सदस्य थी। इसके पिता की दुकान पर इसकी शाखा थी। पल्लवी वहीं से ऑनलाइन ग्रामीणों का खाता खोलना, बैंक का लेन-देन करती थी। 17 जुलाई को बैंक में एक दम्पत्ति आए थे, जिन्होंने ग्यारह हजार रुपए निकालने के लिए आवेदन दिया। बैंक में पैसा निकालने आए दम्पत्ति के खाते में पैसे नहीं मिले। जब पैसे खाते में नहीं मिले तो छानबीन की गई। छानबीन में यह सामने आया कि उक्त राशि पल्लवि के द्वारा निकाली गई थी। पल्लवी को बैंक मैनेजर आरके भोला और एकाउंटेन्ट नेहा गुप्ता ने बैंक बुलवाया, जहां यह सामने आया कि पल्लवी के द्वारा की पर्ची भरकर पैसे निकाले गए है। इस मामले में पल्लवी से बातचीत की गई थी, जिस पर पल्लवी ने अपनी मां के नाम का चैक बैंक में जमा करवाया था। मैनेजर ने दम्पत्ति को दूसरे दिन पैसा दिलवाने का वादा करके मामला टाल दिया था।