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चाय में जहर मिलाकर मौत को लगाया गले

बैंक के खाते से गायब थे रुपए, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए दबाव के आरोप

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awkash garg

Jul 25, 2016

City crime: he has the 9th student suicide

City crime: he has the 9th student suicide

जबलपुर. भेड़ाघाट (सहजपुर) के निजी ग्रामीण बैंक में कार्यरत पल्लवी परिहार ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया है। यह घटना शुक्रवार शाम की है, जहां जहर सेवन करने के आधे घंटे के अंदर ही उसकी मृत्यु हो गई। परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल ले गए थे, जहां कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया था। प्रथम दृष्टया पुलिस के हाथ एेसे कोई सुराग नहीं आ सके हैं, जिससे इस मौत पर पड़ा पर्दा उठ सके।

ये हैं जांच के बिंदू
- पल्लवी ने किस परिस्थिति में जहर खाया?
- घटना दिनांक को बैंक में क्या दबाव दिया गया था?
- बैंक का चपरासी उसे छोडऩे घर तक क्यों आया?
- बैंक में फ्रॉड हुआ था तो उसे छिपाया क्यों गया?

ये है मामला
मृतका पल्लवी तीन वर्ष पहले निजी बैंक में बतौर संविदा नियुक्ति हुई थी। गांव के अनपढ़ लोगों की सुविधा के लिए पैसा जमा करने, निकालने या फिर अन्य आवेदन आदि लिखवाने का काम इसे दिया गया था। वर्ष 2015 में बैंक के एक खाते में जमा रकम को निकाल लिया गया। खातेदार ने जब इसकी जानकारी ली तो माजरा सामने आया कि आखिर रकम कहां गई। बैंक की विभागीय जांच में पर्ची में राइटिंग मिलान पल्लवी का हुआ। इससे बैंक राशि आहरित करने का मामला पल्लवी पर ठोक दिया गया।

मृतका पर तय की जिम्मेदारी
मृतका पल्लवी सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक की कियोस्क बैंकिंग की सदस्य थी। इसके पिता की दुकान पर इसकी शाखा थी। पल्लवी वहीं से ऑनलाइन ग्रामीणों का खाता खोलना, बैंक का लेन-देन करती थी। 17 जुलाई को बैंक में एक दम्पत्ति आए थे, जिन्होंने ग्यारह हजार रुपए निकालने के लिए आवेदन दिया। बैंक में पैसा निकालने आए दम्पत्ति के खाते में पैसे नहीं मिले। जब पैसे खाते में नहीं मिले तो छानबीन की गई। छानबीन में यह सामने आया कि उक्त राशि पल्लवि के द्वारा निकाली गई थी। पल्लवी को बैंक मैनेजर आरके भोला और एकाउंटेन्ट नेहा गुप्ता ने बैंक बुलवाया, जहां यह सामने आया कि पल्लवी के द्वारा की पर्ची भरकर पैसे निकाले गए है। इस मामले में पल्लवी से बातचीत की गई थी, जिस पर पल्लवी ने अपनी मां के नाम का चैक बैंक में जमा करवाया था। मैनेजर ने दम्पत्ति को दूसरे दिन पैसा दिलवाने का वादा करके मामला टाल दिया था।

घर पहुंचते ही पिया जहर
पिता के मुताबिक पल्लवी जब घर लौटी तो उसके चेहरे पर तनाव था लेकिन उसने कुछ नहीं कहा और सीधे चाय बनाने किचिन में चली गई। वहां पर उसने चाय बनाई और मच्छर मारने वाली रखी दवा मिलाकर पी ली। थोड़ी ही देर में वह उल्टियां करने लगी। उल्टियां होता देखकर परिजन घबरा गए। पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने जहर पी लिया है। परिजन उसे 108 एम्बुलेंस से लेकर मेडिकल पहुंचे। मेडिकल में पल्लवी को दाखिल किया गया लेकिन गंभीर दशा होने की वजह से उसकी मौत हो गई।

ये कहते हैं मृतक के पिता
पल्लवी के पिता विनोद सिंह परिहार का कहना है कि बैंक मैनेजर ने उसे बुलाया था और खाते से पैसे आदि निकालने को लेकर कई प्रकार की बातचीत की, जिससे परेशान होकर उसने बैंक के द्वारा बताई गई नौ हजार की राशि जमा कर दी थी।

पल्लवी फरवरी 15 से कियोस्क बैंकिंग से जुड़ी थी। पैसे लेन-देन अपने पिता के दुकान से किया करती थी। लेन-देन में गड़बड़ी सामने आई थी, जिससे उसे समझाया गया था।
- आरके भोला, ब्रांच मैनेजर, सेंट्रल मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, सहजपुर

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