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थानेदार कर रहे मनमानी, एफआईआर लिखने में कर रहे हीलाहवाली

थानेदार कर रहे मनमानी, एफआईआर लिखने में कर रहे हीलाहवाली

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Police inspector misbehave for victims FIR

Police inspector misbehave for victims FIR

जबलपुर/ सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि प्रत्येक थाने में होने वाले एफआइआर पुलिस वेबसाइट पर अपलोड की जाए, लेकिन जिले के थानों में ऐसा हो नहीं रहा है। पिछले 24 घंटे में शहर में अधिकतर थानों में एफआइअर अपलोड नहीं की गई है। थाना प्रभारी मनमाने अंदाज में यह काम कर रहे हैं। कहीं-कहीं कई-कई दिनों तक एफआइआर वेबसाइट में अपलोड नहीं की जा रही है। इसका खुलासा गुरुवार को उस वक्त हुआ, जब पत्रिका ने मध्य प्रदेश पुलिस के सिटीजन पोर्टल में जबलपुर पुलिस द्वारा सार्वजनिक की गई एफआईआर की स्थिति देखी।

सुप्रीम कोर्ट भी दिखा चुका है सख्ती, फिर भी नहीं चेत रहे जिम्मेदार
मनमानी पर आए थानेदार, समय पर अपडेट नहीं हो रही एफआइआर
सुप्रीम कोर्ट ने यह दिए हैं आदेश- सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि पुलिस वेबसाइट पर एफआइआर अपलोड की जाए। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी एफआईआर पुलिस वेबसाइट में अपलोड क्यों नहीं की जा रही है।

केस:- 01
थाना:- ओमती
आखिरी अपडेट:- 02 फरवरी
पोर्टल में आखिरी अपराध:- 61/21
वर्तमान में अपराध:- 63/21
हालात: पुलिस थाने में एक से चार फरवरी तक कुल 63 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। लेकिन महज 61 एफआईआर को ही सार्वजनिक किया गया। दो फरवरी के बाद किसी भी एफआईआर को एमपी पुलिस के सिटीजन पोर्टल पर नहीं चढ़ाया गया।

केस:- 02
थाना:- ग्वारीघाट, आखिरी अपडेट:- 29 जनवरी, पोर्टल में आखिरी अपराध:- 61/21
वर्तमान में अपराध:- 67/21
हालात:- पुलिस ने एक जनवरी से लेकर चार फरवरी तक कुल 67 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। लेकिन थाने द्वारा महज 61 एफआईआर को ही सार्वजनिक किया गया। 29 जनवरी के बाद किसी भी एफआइआर को एमपी पुलिस के सिटीजन पोर्टल पर नहीं चढ़ाया गया।
(सभी केसों की जानकारी गुरुवार शाम सात बजे तक)