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टैटू सेंटर संचालक की हत्या करने वाले आरोपी 23 तक पुलिस रिमांड

फॉलोअप-हत्या में प्रयुक्त पिस्टल को बरामद करने में छूट रहे पसीने, आरोपियों के भागने वाले रूट पर गई टीम

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जबलपुर। टैटू सेंटर संचालक अंकित चंडोक (35) की हत्या में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को गढ़ा पुलिस ने 23 अगस्त तक रिमांड पर लिया है। पुलिस को हत्या में प्रयुक्त पिस्टल की जब्ती करने में पसीने छूट रहे हैं। आरोपियों को लेकर एक टीम उनके भागने वाले रास्ते पर रवाना हुई है। पुलिस आरोपियों से उस जगह की तस्दीक करने में जुटी है, जहां आरोपियों ने पिस्टल फेंकने की बात बतायी है। इससे पहले उनकी सूचना पर गाजियाबाद की पुलिस से भी गढ़ा पुलिस मदद मांग चुकी है।
जानकारी के अनुसार हत्या की वारदात को अंजाम दे चुके तीनों आरोपियों गाजियाबाद निवासी उत्कर्ष मिश्रा, मयंक अग्रवाल और शिवम छलेरिया ने 12 अगस्त को टैटू सेंटर संचालक अंकित चंडोक की हत्या के बाद सागर, ग्वालियर होते हुए गाजियाबाद भागे थे। पुलिस की एक टीम आरोपियों को लेकर गई है। सागर टोल नाके से टीम आरोपियों के वाहन की सीसीटीवी फुटेज लेगी। इसके बाद टीम ग्वालियर के उस होटल में जाएगी। जहां आरोपी रुके थे। ग्वालियर से निकलने के बाद रास्ते में कहीं आरोपियों ने पिस्टल फेंकने की बात बता रहे हैं। टीम उस जगह को तस्दीक करेगी, जहां आरोपियों ने पिस्टल फेंका।

IMAGE CREDIT: patrika

पिस्टल की जब्ती महत्वपूर्ण-
इस हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी और वारदात में प्रयुक्त वाहन कार डीएल 9 सीआर 5292 को जब्त किया है। पिस्टल एक महत्वपूर्ण साक्ष्य होगा। इसकी जब्ती जरूरी है। तभी सजा दिलाने का पुलिस का आधार पुख्ता होगा। इसी कारण पुलिस आरोपियों से पिस्टल के बावत लगातार पूछताछ में जुटी है।
पत्नी का 164 का बयान दर्ज-
इस हत्याकांड में अंकित चंडोक की पत्नी रैना की संलिप्तता भले ही सीधे तौर पर पुलिस ने नहीं पाया, लेकिन गुरुवार को उसका 164 का बयान दर्ज कराया गया। वहीं पुलिस उसके मौसेरे भाई साहिल जग्गी और मौसी एकता से भी पूछताछ कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि उक्त दोनों की भूमिका भी हत्या में नहीं मिला है।
साहिल का दोस्त है उत्कर्ष मिश्रा-
उत्कर्ष मिश्रा डॉग शो में 2018 में आया था। उसकी दोस्ती साहिल से पूर्व से है। साहिल के माध्यम से ही उत्कर्ष और रैना की जान-पहचान हुई थी। उत्कर्ष जबलपुर में जब भी आता तो साहिल के घर ही रुकता था। इस बार भी पांच अगस्त को आने के बाद से वह साहिल के घर रुका था। वारदात को अंजाम देने से दो दिन पहले ही उत्कर्ष साहिल के घर से निकला था। इसके बाद वह शहर के एक होटल में रुक गया। 12 अगस्त की रात वारदात को अंजाम देने से पहले सुबह उत्कर्ष की रैना से मोबाइल पर बात हुई थी। पुलिस के दावे के मुताबिक उत्कर्ष ने तब भी रैना को हत्या के बारे में कुछ नहीं बताया था।