
police, who was unclaimed and buried in Graveyard, became a soldier
जबलपुर। अज्ञात शवों की शिनाख्ती में पुलिस की लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ये जानकारी मंगलवार को उस समय सामने आयी जब श्मशान में दो दिन पहले दफन कर दी गई एक लाश उखाड़ी गई। पुलिसवालों ने इस शव को लावारिस समझकर तिलवाराघाट में दफन करवा दिया था। लेकिन जब जांच हुई तो वह पुलिस महकमे के एक सिपाही का शव निकला। जो पुलिस लाइन में पदस्थ था। लंबी कवायद के बाद कब्र तोड़कर निकलवाई गई लाश को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।
शोभापुर में मिली थी लाश
पुलिस के अनुसार शोभापुर-15 पुलिया के पास रविवार को एक युवक की लाश मिली। रांझी पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को मरचुरी में रखवा दिया। लाश डिकम्पोज हो चुकी थी, इसलिए पुलिस ने उसे अज्ञात समझकर उसे तिलवाराघाट में सोमवार को दफन करवा दिया।
23 दिसम्बर से था गैरहाजिर
पुलिस के अनुसार नरेश 23 दिसम्बर 2017 से लाइन में गैरहाजिर था। वह 24 फरवरी को घर से निकला। वापस नहीं लौटने पर उसके भाई ने 28 फरवरी को बेलबाग थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन उसकी तलाश के प्रयास नहीं हुए। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए है।
घड़ी के जरिए हुई शिनाख्त
सोमवार की शाम को सुरेश इनवाती रांझी थाने पहुंचा। उसने कपड़े व घड़ी के जरिए मृतक की पहचान अपने भाई ललित कॉलोनी निवासी नरेश इनवाती के रूप में की। सुरेश ने बताया, नरेश आरक्षक था। वह पुलिस लाइन में पदस्थ था। इसके बाद रांझी पुलिस ने मंगलवार सुबह एसडीएम के सामने लाश को उखड़वाने के लिए आवेदन दिया।
छिंदवाड़ा ले गए शव
एसडीएम के आदेश पर मंगलवार को कब्र तोड़कर सिपाही का शव निकाला गया। सिपाही का शव बाहर निकलते ही उनके परिजन फफक-फफक कर रो पड़े। पुलिस के अनुसार लाश परिजन को सौंप दी गई है। जिसे वे छिंदवाड़ा ले गए है। जहां, उसका विधि-विधान के मुताबिक अंतिम संस्कार होगा।
Published on:
06 Mar 2018 08:29 pm
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