
World Population Day
जबलपुर. शहरी क्षेत्र में एक बार फिर आबादी का सर्वे शुरू होगा। प्रक्रिया पूरी होने पर नजूल की भूमि पर रहने वाले लोगों को भूमि स्वामी के अधिकार मिल जाएंगे। इसकी शुरुआत गोरखपुर क्षेत्र से हो सकती है। जिला प्रशासन क्षेत्रों का चयन कर रहा है। इसकी सूची बनाई जा रही है। इससे पहले गढ़ा, पुरवा और रामपुर के अतिरिक्त कुछ क्षेत्रों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब इसका प्रीमियम तय किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए टीम का गठन भी किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में जब आबादी की भूमि आ जाती है तो उसे नजूल में शामिल किया जाता है। जैसे परिसीमन में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि नगर निगम सीमा में आ गई है। इसे नजूल घोषित करने के लिए सर्वे होता है। मौजूदा समय में कई क्षेत्रों में नजूल की भूमि का लोगों को भू-अधिकार प्रमाण पत्र मिला हैं। इसका कोई नक्शा नहीं होता है। आबादी का सर्वे पूरा होने पर उन्हें भूमि स्वामी अधिकार मिल जाता है। यानि इसकी निर्धारित अवधि के लिए भूमि स्वामी को लीज मिल जाती है।
प्लॉट विक्रय का रहता है प्रावधान
आबादी के सर्वे के उपरांत इस नजूल की भूमि का रिकॉर्ड ऑफ राइट तैयार किया जाता है। जांच खसरा भी बनता है। नजूल की भूमि का अभी विक्रय नहीं किया जाता। व्यक्ति केवल उसका ढांचा बेच सकता है लेकिन आबादी के सर्वे के बाद प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब व्यक्ति को जमीन की लीज मिलती है तो वह उस प्लॉट को बेच सकता है।
अभी प्रीमियम का निर्धारण नहीं
मौजूदा समयमें कुछ क्षेत्रो ंमें आबादी का सर्वे पूरा हो चुका है। वहां पर अब नजूल की भूमि का पट्टा यानी लीज देने की प्रकिया पूरी होनी है, लेकिन अभी प्रीमियम का निर्धारण नहीं हुआ है। जिला प्रशासन ने इसके लिए शासन से मार्गदर्शन भी मांगा है। प्रीमियम कलेक्टर गाइड लाइन से तय होता है। अभी राजस्व पुस्तक परिपत्र का अध्याय 4-1 की कंडिका 23 में नजूल की आवासीय भूमि में गाइड लाइन का पांच तो व्यवसायिक भूमि 7.50 प्रतिशत प्रीमियम राशि फिक्स है।
आबादी के सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जानी है। इसमें किन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, यह तय किया जाना है।
हर्ष दीक्षित, अपर कलेक्टर
Updated on:
24 Nov 2019 11:56 am
Published on:
24 Nov 2019 11:51 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
