
GST Return fraud
jabalpur GST NEWS/ सेंट्रल जीएसटी( GST ) की निवारक (प्रिवेंटिव) शाखा ने शहर की आउटसोर्सिंग कंपनी पर छापा मारकर 27 करोड़ 44 लाख रुपए की कर चोरी का खुलासा किया है। लगातार दो दिन तक चली कार्रवाई के बाद विभाग ने कंपनी से दो करोड़ रुपए की वसूली की। विभाग ने कंपनी के मुख्य डायरेक्टर एवं प्रोपराइटर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे 10 दिनों की न्यायायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
महानद्दा मदनमहल में संचालित साई सन प्रोपराइटरशिप और साई सन आउटसोर्सिंग प्रा. लि. पर छापा मारा गया। दोनों कंपनियों में शैलेष राजपाल क्रमश: प्रोपराइटर एवं संचालक है। सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त और सहायक आयुक्त के साथ 15 सदस्यीय टीम ने जांच की और कंपनी के आफिस से दस्तावेज जब्त किए। 13 सितम्बर तक चली कार्रवाई में जुलाई 2017 से मार्च 2019 के बीच 27.44 करोड़ रुपए की कर चोरी पाई गई।
यह फर्म मैन पावर सर्विस, क्लीनिंग सर्विस और हाउसकीपिंग सर्विस देती है। जांच में सामने आया कि दोनों फ र्मों ने क्लाइंट्स से जीएसटी सहित भुगतान प्राप्त किया है, लेकिन जीएसटी सरकारी खजाने में जमा नहीं किया। कर चोरी की राशि पांच करोड़ से अधिक होने और टैक्स चुकाने में तीन महीने से ज्यादा विलंब होने की वजह से संचालक शैलेष राजपाल का यह कृत्य सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 132 (1) के अंतर्गत संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए संचालक राजपाल को प्रिंिसपल कमिश्नर के आदेश पर मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
साई सन प्रोपराइटरशिप और साई सन आउटसोर्सिंग प्रा. लि. की जांच में 27.44 करोड़ रुपए की कर चोरी पाई गई है। फर्म के मुख्य संचालक एवं प्रोपराइटर शैलेष राजपाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
- नीरज चौबे, संयुक्त आयुक्त (निवारक), केन्द्रीय जीएसटी मुख्यालय जबलपुर
Published on:
18 Sept 2019 10:07 am
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