2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

rail budget हाऊबाग स्टेशन बनेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स

मदनमहल-अधारताल से ट्रेनों के संचालन की खुली राह

2 min read
Google source verification
RAILWAY : बोरिया-बिस्तर समेटकर गई कंपनी, ‘पानी’ पर असमंजस में IRCTC

RAILWAY : बोरिया-बिस्तर समेटकर गई कंपनी, ‘पानी’ पर असमंजस में IRCTC

पश्चिम मध्य रेलवे पहुंची पिंक बुक : पश्चिम मध्य रेलवे को 15 हजार 16 करोड़ रुपए मिला बजट
जबलपुर . हाऊबाग रेलवे स्टेशन की खाली जमीन पर कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनेगा। बुधवार को पश्चिम मध्य रेलवे कार्यालय पहुंची पिंकबुक में इसका जिक्र है। अधिकारियों के अनुसार कोचिंग कॉम्प्लेक्स के लिए बजट का आवंटन हो गया है। जल्द कार्रवाई पूरी कर निर्माण शुरू किया जाएगा। कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनने से यहां ट्रेनों का मेंटेनेंस किया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार पिंकबुक में पांच करोड़ रुपए हाऊबाग रेलवे स्टेशन को दिए गए हैं। इसमें कुछ हिस्सा मदन महल कोचिंग टर्मिनल को भी आवंटित किया गया है।
नैरोगेज ट्रेन बंद होने के बाद से हाऊबाग रेलवे स्टेशन को लेकर असमंजस की स्थिति थी। हाल ही में रेलवे के अधिकारियों ने यहां कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे बजट में शामिल कर लिया गया है।
शुरू हो सकेंगी नई ट्रेनें
जबलपुर में मुख्य रेलवे स्टेशन स्थित कोचिंग कॉम्प्लेक्स में प्रतिदिन दर्जनों ट्रेनों का मेंटेनेंस होता है। किसी ट्रेन के लेट होने पर मेंटेनेंस के लिए इंतजार करना पड़ता है। इससे ट्रेन देरी से रवाना होती है। नया कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनने के बाद जबलपुर समेत मदनमहल और अधारताल से नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है।
15 हजार 16 करोड़ रुपए मिला बजट
केंद्रीय बजट की घोषणा के बाद रेलवे बोर्ड की ओर से बुधवार को पिंक बुक पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय पहुंची। पिंकबुक के अनुसार वर्ष 2020-21 में पमरे में 15 हजार 16 करोड़ रुपए की प्राप्तियां होने का अनुमान लगाया गया है। जबकि इस वर्ष 10 हजार 504 करोड़ रुपए पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से खर्च किए जा सकते हैं। इसमें से यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए 110.26 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पिंक बुक में विभिन्न कार्यों में खर्च होने वाली राशि की भी जानकारी दी गई है।
कटनी में 260 करोड़ से बनेगा ग्रेड सेपरेटर
बजट में कटनी रेलवे स्टेशन की री-मॉडलिंग के लिए भी फंड दिया गया है। न्यू कटनी जंक्शन की रीमॉडलिंग पर पांच करोड़ रुपए खर्च होंगे। कटनी में ग्रेड सेपरेटर के लिए 260 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। कटनी से बीना के बीच तीसरी रेल लाइन के लिए 50 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
15 करोड़ से इटारसी में बनेगा फ्लाईओवर
ट्रेनों के आवागमन के लिए इटारसी जंक्शन काफी महत्वपूर्ण है। यहां से कई प्रदेशों की कनेक्टिविटी है। यहां उत्तर-दक्षिण ग्रेड सेपरेटर/फ्लाईओवर की लम्बे समय से मांग की जा रही थी। इसके लिए पिंकबुक में 15 करोड़ रुपए का आवंटन दिया गया है।
रेल लाइनों के लिए 215 करोड़
पिंक बुक के अनुसार पश्चिम मध्य रेलवे इस साल नई रेल लाइनों पर 215 करोड़ रुपए खर्च करेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
इन कार्यों के लिए भी मिली राशि (रुपए में)
- नई रेल लाइन के लिए 215 करोड़
- दोहरी लाइनों के लिए 54.80 करोड़
- यातायात सुविधाओं के लिए 76.90 करोड़
- समपार फाटक के लिए 26.31 करोड़
- ऊपरी-निचली सडक़ों पर पुल के लिए 236.40 करोड़
- रेल पथ नवीनीकरण के लिए 470 करोड़
- पुल, सुरंग, सडक़ के लिए 24.70 करोड़
- सिग्नल व दूरसंचार कार्य हेतु 72.16 करोड़
- कारखाना उत्पादन इकाइयों के लिए 54 करोड़
- कर्मचारी कल्याण हेतु 43.45 करोड़
- यात्री सुविधाओं के लिए 110.26 करोड़
नई लाइनों के कार्य के लिए स्वीकृत राशि (करोड़ रुपए में)
- ललितपुर-सतना, रीवा-सिंगरौली, महोबा-खजुराहो : 110
- रामगंजमंडी-भोपाल : 105
लाइन दोहरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत राशि (करोड़ रुपए में)
- भोपाल-बीना (तीसरी लाइन) : 05
- गुना-रूठियाई : 01
- बुदनी-बारखेड़ा (तीसरी लाइन) : 150
- बीना-कोटा : 300
- बारखेड़ा-हबीबगंज (तीसरी लाइन) : 20