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रेलवे कर्मचारियों ने दी चेतावनी, पमरे के स्टेशनों से नहीं गुजरने देंगे ट्रेन

रेलवे में निजीकरण का विरोध, 23 अक्टूबर को होगा आंदोलन

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जबलपुर. रेलवे में निजीकरण को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। निजीकरण की नीति के विरोध में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ और रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने रेल प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के जबलपुर, कोटा व भोपाल से निजी ट्रेन को गुजरने नहीं देंगे। संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि वे 23 अक्टूबर को आंदोलन करेंगे।

एआईआरएफ के असिस्टेंट जनरल सेक्रेट्री और वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने कहा कि वे निजी कम्पनियों से रेल ट्रैक बिछवाने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन रेलवे के संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पमरे मुख्यालय जबलपुर मंडल में भी 23 अक्टूबर को निजीकरण के विरोध में आंदोलन होगा। यूनियन के मंडल सचिव नवीन लिटोरिया, मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला ने बताया कि एआईआरएफ, डब्ल्यूूसीआरईयू रेलवे के निजीकरण की नीति के विरोध में है। वे 150 ट्रेनों व 50 स्टेशनों को निजी हांथों में सौंपने का विरोध करेंगे।

मजदूर संघ भी लामबंद
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ मजदूर संघ भी लामबंद हो गए हैं। एनएफआईआर के अध्यक्ष डॉ. आरपी भटनागर के निर्देश पर डब्ल्यूूसीआरएमएस मंडल अध्यक्ष एसएन शुक्ला, मंडल सचिव डीपी अग्रवाल, एसके सिन्हा, सतीश कुमार, शेख फरीद, सुनील टेकचंदानी आदि ने कहा कि वे निजीकरण को बर्दाश्तत नहीं करेंगे। इसके खिलाफ संघर्ष पखवाड़ा चलाया जा रहा है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा।