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रेलवे स्टेशन के पास से पटरियां चोरी

- इंजीनियरिंग विभाग में हड़कंप

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जबलपुर। मध्यप्रदेश की संस्कारधानी से एक अजब मामला सामने आया है। जहां रेलवे के ट्रैक पर बिछाई जाने वाली पटरियां ही चोरी हो गई हैं। रेलवे स्टेशन के पास पूरी सतर्कता के बावजूद यह पटरियां कैसे चोरी हो गईं ये अभी खोज का विषय बना हुआ है। वहीं इस संबंध में सारी जानकारी आरपीएफ द्वारा जुटाई जा रही है।

बताया जाता है कि जबलपुर के एक रेलवे ट्रैक पर बिछाई जा रही नई पटरियों के दौरान यहां से निकाली जा रहीं पूरानी पटरियों से करीब दो टन वजनी पटरियां चोरी हो गईं हैं। यह पूरा मामला भिटौनी रेलवे स्टेशन के पास का है।

भिटौनी के पीडब्ल्यूआइ ने इस संबंध में जानकारी सामने आने पर आरपीएफ को मेमो दे दिया है, जिसके बाद से आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है। जबलपुर रेल मंडल से पटरियों की चोरी की बात सामने आने के चलते इसका हडकंप पश्चिम मध्य रेलवे जोन तक देखने को मिल रहा है। वहीं जबलपुर आरपीएफ इस मामले की जांच के तहत चोरी गई पटरियां को भिटौनी से उठाकर कबाड़ी के यहां ले जाने वाले ट्रक को जब्त कर लिया है।

वहीं इस संबंध में जांच पडताल कर रही आरपीएफ के सामने जो बात आ रही है उसके अनुासर पटरियों को चोरी कर कबाड़ी तक पहुंचाने और बेचने में इंजीनियरिंग विभाग का एक भी ठेकेदार शामिल है, जिसकी कबाडियों से सांठगांठ बताई जाती है। वहीं अभी ठेकेदार और ट्रक का ड्राइवर दोनों फरार बताए जा रहे हैं। ऐसे में अब आरपीएफ ने इन दोनों को पकडने के लिए जबलपुर सहित कुछ अन्य जिलो में भी कई जगहों पर छापेमारी की है।

ये है पूरा मामला
दरअसल जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा भिटौनी रेलवे स्टेशन के पास पटरियों को बदलने का काम हुआ था। इस दौरान पुरानी पटरियों को हटाकर नई पटरियां लगाई गईं। ऐसे में जिन पटरियों को हटाया गया उन्हें ट्रैक के पास से हटाकर दूसरे जगह ले जाना था। इन पटरियों को ले जाने का काम इंजीनियरिंग विभाग के रेलवे ठेकेदार को दिया गया, और उसके द्वारा ही ये कार्य किया गया।

बताया जाता है कि यहीं ठेकेदार के पटरियों की संख्या और वजन में गोलमाल कर उन्हें कबाड़ी तक पहुंचाकर उसे बेच दिया। वहीं इस संबंध में सूचना मिलते ही यह मामला यहां तैनात पीडल्ब्यूआइ की संज्ञान में आ गया और उनकी ओर से चोरी गई पटरियों का मेमो आरपीएफ थाने में दिया गया। वहीं कुछ अन्य रेलवे सूत्रों का कहना है कि चोरी हुई पटरियों का वजन करीब पांच टन है, जिसे दो टन ही बताया जा रहा है।

कई अन्य कडियां भी सामने आ सकती हैं
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी रेलवे पटरी की चोरी होने का मामले के सामने आने के बाद से ही सख्ते में हैं। वहीं दूसरी ओर मुख्यालय जबलपुर में होने के बाद भी अभी तक यह मामला रेलवे विजलेंस ने जांच में नहीं लिया है। सूत्रों के अनुसार इसका कारण यह है कि बताते हैं कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का विजलेंस पर दबाव है। ऐसे में इस मामले के खुलने से इससे जुड़ी कई अन्य कडियां भी सामने आ सकती हैं। वहीं अंदर खाने से ये बात भी सामने आ रही है कि जिस ठेकेदार का नाम सामने आ रहा है, उसे इंजीनियरिंग विभाग ने रेलवे स्टेशन के बाहर सरकारी मकान भी दे रखा है।

वहीं इस पूरे मामले में आरपीएफ जबलपुर के सीनियर कमांडेंट अरुण त्रिपाठी का कहना है कि पटरी चोरी होने का भिटौनी के पीडब्ल्यूआइ द्वारा मेमो आरपीएफ को मिला है। जिसके बाद जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए शुरू कर दी गई है। इसमें रेलवे के ठेकेदार और ट्रक ड्राइवर का नाम सामने आया है, जिनकी तलाश की जा रही है।