जटाएं इतनी बड़ी कि नापने आई थी गिनीज बुक की टीम, प्याज-लहसुन न खाते थे, न खाने देते थे

श्री बाबा श्री का देवगमन, बगासपुर आश्रम में समाधि संस्कार, समाधि संस्कार में उमड़े अनुयायी

 

By: shyam bihari

Published: 23 Jan 2021, 08:22 PM IST

जबलपुर। निर्विकार पथ के प्रणेता श्री बाबा श्री का 79 साल की आयु में देवगमन होने पर नरसिंहपुर जिले के बगासपुर गांव स्थित सत्यसरोवर आश्रम में समाधि संस्कार किया गया। इस मौके पर अंतिम दर्शन को बडी संख्या में अनुयायी बगासपुर पहुंचे। नर्मदा परिक्रमा पूरी करने के बाद वापस आने पर बगासपुर में आश्रम बनाया। इसका नामकरण सत्यसरोवर के रूप में करते हुए श्री बाबा श्री ने 1981 में निर्विकार पथ की स्थापना की थी। इस पथ पर चलने वाले अनेक अनेक शिष्य बने। उनसे श्री बाबा श्री ने लहसुन-प्याज के त्याग का संकल्प लिया। वे 45 दिन से अस्वस्थ होने से मुम्बई में इलाजरत थे। अंतिम समय में उन्होंने पानी का भी त्याग कर दिया था। गुरुवार रात निधन होने से उनकी पार्थिव देह को जबलपुर से सुबह गोटेगांव लाया गया। कुछ समय के लिए उनके देह को उनके घर ले जाया गया। इसके बाद उनके बगासपुर सत्यसरोवर आश्रम में ला कर अनुयायियों के दर्शन के लिए रखा गया।

गोटेगांव में 27 दिसम्बर 1942 को जन्मे श्रीबाबा श्री का गृहस्थ अवस्था में नाम बालमुकुंद चौरसिया था। वे जबलपुर में रोजगार कार्यालय में सेवारत थे। उस समय भी उनका मन भगवान के भजनों में अधिक लगता था। वे एक भजन मंडली के सदस्य भी थे। वर्ष 1980-81 में वे नर्मदा परिक्रमा पर निकले। परिक्रमा पूरी करने के बाद वापस अपने घर आए और गृहस्थ जीवन से दूर होकर बगासपुर आश्रम में रम गए। इनके परिवार में पत्नी, पुत्र और दो बेटियां हैं। उन्होंने नर्मदा तट जबलपुर और सोकलपुर में भी अपना आश्रम बनाया। सत्य सरोवर आश्रम बगासपुर में उनके पुत्र विनोद चौरसिया के साथ उनके भक्त शिष्यों ने श्री बाबा श्री को समाधि दी गई। इस मौके पर जबलपुर सहित महाकौशल से भारी संख्या में उनके शिष्य मंडल के सदस्य भी गोटेगांव पहुंचे। सांसद राकेश सिंह, विधायक संजय शर्मा, पूर्व विधायक कैलाश जाटव, सहित अन्य प्रमुख शिष्य मौजूद थे।
28 जून 2016 को श्री श्री की दाढ़ी की जटाएं नापने के लिए गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स की टीम जबलपुर आई थी। नर्मदा किनारे सिद्धघाट पर यह कार्यक्रम हुआ था। उनकी दाढ़ी की लम्बाई 11 फुट 4 इंच यानी 3 मीटर 45 सेमी लम्बी मापी गई। इससे उनका ही पूर्व रिकॉर्ड टूट गया। 2008 में उनकी दाढ़ी 1.84 मीटर यानी करीब 6 फुट थी। तब उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकाड्र्स में शामिल हो गया। आठ साल बाद उन्होंने अपना ही रेकॉर्ड सुधारा। निर्विकार पथ आश्रम सिद्धघाट में गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड के अधिकारी, सांसद राकेश सिंह, विधायक जालमसिंह पटेल, मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन डीन आरएस शर्मा और सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में बाबाश्री की दाढ़ी की लम्बाई नापी गई थी। सांसद राकेश सिंह ने फीता रखकर दाढ़ी की लम्बाई नापी थी।

shyam bihari Desk
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