
प्रदेश शासन की पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत शहर में 167 करोड़ रुपए की लागत के निर्माण कार्यों को मंजूरी मिल गई है।
जबलपुर@ ज्ञानी रजक. प्रदेश शासन की पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत शहर में 167 करोड़ रुपए की लागत के निर्माण कार्यों को मंजूरी मिल गई है। इनमें महाधिवक्ता और कमिश्नर कार्यालय, एल्गिन अस्पताल में 100 बिस्तरों का नया वार्ड और अधिकारियों के बंगले सहित अन्य अधोसंरचनाएं शामिल की गईं हैं। यह निर्माण कार्य बर्न कंपनी की जमीन से मिलने वाली राशि से कराए जाएंगे।
शहर में कुछ भवन ऐसे हैं जिनका निर्माण बहुत जरूरी है। इसी प्रकार कुछ कार्यालयों के भवनों की मरम्मत कराई जानी है। लेकिन राशि के अभाव में यह काम रुका पड़ा है। जिला प्रशासन ने पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत इनका निर्माण करवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए राशि का इंतजाम हाल में सिविल लाइन िस्थत बर्न कंपनी से खाली कराई गई आठ एकड़ जमीन से किया जा रहा है। इस जमीन को नीलाम किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ होगी। जिला प्रशासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति में निर्माण कार्यों का प्रस्ताव रखा था। उसे मंजूरी मिल गई है। अब लोक परिसंपत्ति विभाग के माध्यम से इसकी नीलामी की जाएगी।
172 करोड़ जमीन का आधार मूल्य
ज्ञात हो कि इस जमीन का आधार मूल्य 172 करोड़ रखा गया है। वहीं जो कार्य प्रस्तावित है, उनकी लागत करीब 167 करोड़ रुपए है। प्रशासन नीलामी प्रक्रिया में सर्वाधिक मूल्य देने वाले विडर को यह जमीन तय अवधि के लिए उपलब्ध कराएगा। ऐसे पूरी की जाती है प्रक्रिया इस तरह की योजना के लिए पहले जिला स्तर पर गठित समिति में रखा जाता है। उसमें मंजूरी के उपरांत राज्य शासन को पूरा प्रस्ताव बनाकर दिया जाता है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति से मंजूरी मिलने पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
कुंडम तहसील के नए भवन का निर्माण
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों को दोनों स्तरों पर मंजूरी मिल चुकी है। राजस्व विभाग के कार्यालय बडे़ निर्माण कार्याें में कुंडम तहसील के नए भवन का निर्माण भी शामिल है। इसमें एसडीएम का कक्ष भी शामिल है। इसी प्रकार पनागर, सिहोरा, मझौली, शहपुरा, पाटन, बरगी, कुंडम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवासों का निर्माण भी इसी राशि से कराया जाएगा।
यह हैं प्रमुख काम
- मॉडल स्कूल के पास आठ मंजिला महाधिवक्ता कार्यालय के निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया है। इसकी लागत 40 करोड़ रुपए है। इसमें स्टाफ के अलावा अन्य कार्यों के लिए कमरे होंगे।
- कमिश्नर कार्यालय की हेरीटेज बिल्डिंग को छोड़कर बांकी जगह नई बिल्डिंग तैयार होगी। पुराने भवनों को तोड़कर दो मंजिला भवन बनेगा। इसकी अनुमानित लागत 16 करोड़ रुपए है।
- 10 करोड़ की लागत से कलेक्टर कार्यालय की इमारत की मरम्मत, कोषालय, रिकॉर्ड रूम और सभागार की नई इमारत का निर्माण कराया जाएगा। कुछ अन्य कार्य भी होंगे।
- मॉडल स्कूल में 15 करोड़ रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्षों का निर्माण। ब्योहारबाग कन्या शाला में 8 करोड़ रुपए से कक्षों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित किया गया है।
- नया गांव सोसायटी के पास अधिकारियों के लिए बंगलों का निर्माण कराया जाएगा। छह एकड़ में बनने वाले इन बंगलों पर 20 करोड़ खर्च होंगे। यहां एफ और ई टाइप के आवास बनेंगे।
- एल्गिन अस्पताल में 100 बिस्तरों के लिए भवन का निर्माण। विक्टोरिया में दो मंजिला इमारत बनेगी। इसमें ओपीडी और अटेंडेंट फेसिलिटी उपलब्ध कराई जाएगी।
पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत जिला स्तर पर भेजे निर्माण कार्यों को मंजूरी मिल गई है। इसमें कई महत्वपूर्ण इमारतों के निर्माण एवं मरम्मत के काम शामिल किए गए हैं। शासन की बैठक के मिनिट्स मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डॉ इलैयाराजा टी, कलेक्टर
जिला प्रशासन से मिले निर्देश पर प्रस्तावित कार्यों की पूरी रूपरेखा और लागत का आकलन किया जा चुका है। जल्द ही बर्न कंपनी की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। प्राप्त राशि से भवनों का निर्माण किया जाएगा।
सुनील उपाध्याय, सहायक यंत्री मप्र हाउसिंग बोर्ड
Published on:
08 Oct 2022 12:25 pm
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