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फर्जीवाड़ाः वसूली एजेंट ने कारोबारी के लाखों रुपये हड़पे

-बकायेदारों से रुपये वसूल कर निजी खाते में जमा किया और काम छोड़ कर भागा

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फर्जीवाड़ा

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जबलपुर. एक वसूली एजेंट ने एक रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करने वाले का लाखों रुपये हड़प लिया है। आरोप है कि आरोपी ने कारोबारी के बकायेदारों से वसूली कर सारी रकम अपने निजी खाते में जमा कर दी। पीड़ित कारोबारी ने वसूली एजेंट के खिलाफ कोतवाली थाना में शिकायत की थी। लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो उसने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज की, उसके बाद एफाआईआर दर्ज की गई है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक सरस्वती कॉलोनी निवासी जितेश कंधारी का कॉलोनी क्षेत्र में शिवार्थ टेक्सटाइल्स नाम से शर्ट बनाने का कारखाना है। कारोबारी की कारखाने में तैयार शर्ट सीधी, मैहर, शहपुरा भिटौनी, धनपुरी, सिवनी, चैरई, अमरवाड़ा, करेली, पाटन, बरघाट, मनगवां, गाडरवारा, दमोह, रीवा समेत अन्य शहरों में सप्लाई होती है। कारोबारी ने सभी जिलों के व्यवसायियों से भेजी गई शर्ट की कीमत वसूलने के लिए एक वसूली एजेंट को नियुक्त किया था जो राजस्थान का निवासी है। वसूली एजेंट मनीष शर्मा ही इन शहरों में शर्ट की सप्लाई भी करता था।

नवंबर 2020 में मनीष ने अचानक से शिवार्थ टेक्सटाइल्स के लिए काम करना बंद कर दिया। इसके बाद संचालक जितेश को पता चला कि मनीष, कई शहरों के व्यापारियों से सप्लाई की गई शर्ट के चार लाख 47 हजार 682 रुपये वसूल चुका है। लेकिन उसने वसूली गई राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई। इस पर जीतेश ने मनीष से संपर्क किया तो उसने रकम देने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं गालीगलौज करने लगा। इस पर जितेश ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर मनीष के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।