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राज्य सरकार ने जमीन नहीं दी, क्षेत्रीय जैविक खेती केन्द्र चला नागपुर

मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ का केन्द्र नागपुर से होगा संचालित, तीन माह का मिला अल्टीमेटम, जबलपुर के हित पर कुठाराघात  

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organic farming

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जबलपुर. जिले से एक और केन्द्रीय कार्यालय स्थानांतरित होने जा रहा है। मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय जैविक प्राकृतिक खेती केन्द्र को केन्द्र सरकार द्वारा नागपुर स्थित केन्द्र में समाहित किया जा रहा है। केन्द्र को स्थानांतरित करने के अधिकृत आदेश आ गए हैं। अगले तीन में यह केन्द्र नागपुर में स्थानांतरित हो जाएगा। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि तीस साल से संचालित इस कार्यालय को जैविक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए राज्य सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। केन्द्र सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने व खेती में रसायनों के प्रयोग को कम करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ का मुख्यालय जबलपुर में प्रारंभ किया था। यहां जवाहर लाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय खरपतवार अनुसंधान जैसे प्रमुख कार्यालय होने के चले इसे यहां शुरू किया गया था।

सरकारी भवन भी नहीं दिया

जबलपुर में क्षेत्रीय जैविक खेती कृषि अनुसंधान केन्द्र 1988 से लेकर वर्ष 2013 तक अधारताल स्थित कृषि कॉलेज के समीप एक सरकारी भवन में संचालित था। वर्ष 2013 में यह भवन खाली करा लिया गया। इसके बाद यह केन्द्र एमआर फोर स्थित एक निजी भवन में संचालित हो रहा था। सूत्र बताते हैँ कि कार्यालय सहित जैविक खेती के प्रशिक्षण के लिए लगातार राज्य सरकार से संपर्क किया जा रहा था परंतु इसके लिए जमीन नहीं मिली। इंफ्रास्ट्रक्चर न होने पर स्थानांतरित हुआ केन्द्रजैविक खेती कृषि केन्द्र जबलपुर से नागपुर स्थानांतरित होने के पीछे जबलपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होना बताया जा रहा है। कोरोना काल के पहले जिला प्रशासन ने 2019 में पनागर तहसील में जमीन उपलब्ध कराने की बात कही थी। इसके बाद जवाहर लाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय परिसर में जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था परंतु जमीन आवंटित नहीं हुई।

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