पमरे का निर्णय : 3 जुलाई से हबीबगंज-पुणे स्पेशल भी दौड़ेगी
जबलपुर . रेलवे ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बंद की गई ट्रेनों को फिर से दौड़ाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल ने शुक्रवार से चार ट्रेनें प्रारंभ करने का निर्णय किया है। इसके अनुसार जबलपुर से रीवा और अंबिकापुर के बीच चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन 2 जुलाई से पुन: दौड़ाने की तैयारी कर ली गई है। इसी दिन से जबलपुर-नागपुर एक्सप्रेस को भी चलाया जाएगा। हबीबगंज-पुणे के बीच संचालित स्पेशल ट्रेन भी 3 जुलाई से प्रारंभ करने के निर्देश जारी कर दिए है। ये सभी ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय-सारिणी पर संचालित होगी। इन ट्रेनों के चलने से कई शहरों के यात्रियों को अनलॉक के बाद आवाजाही में होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।
ऐसे होगा संचालन
जबलपुर-नागपुर(02160)- 2 जुलाई से
नागपुर-जबलपुर(02159)- 3 जुलाई से
जबलपुर-रीवा-जबलपुर(02289/02290) - 2 जुलाई से
जबलपुर-अंबिकापुर(01265)- 2 जुलाई से
अंबिकापुर-जबलपुर(01266)- 3 जुलाई से
हबीबगंज-पुणे(02152)- 3 जुलाई से
पुणे-हबीबगंज(02151)- 4 जुलाई से
चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के बदले चलेंगी मेमू
जबलपुर रेल मंडल की चार जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के बदले मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। इसके लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। शहर को मेमू सेवा से जोडऩे के लिए इस प्रकार की योजना बनाई गई है कि ये ट्रेन इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर बीना तक जाएं। जहां बीना में मेमू शेड में रैक का रखरखाव और मरम्मत हो सकें। ये जानकारी बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक संजय विश्वास ने पत्रकारों से बातचीत में दी। डीआरएम के अनुसार जबलपुर स्टेशन का रीडेवलपमेंट कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। ये जल्द ही पमरे में एक अलग और आधुनिक स्टेशन के रुप में नजर आएगा।
जल्द ही घर बैठे लगेज बुक करने की मिलेगी सुविधा
डीआरएम ने बताया कि मंडल के नरसिंहपुर, सिहोरा, बागरा तवा स्टेशन में टावर वैगन शेड बनाए गए हैं। ताकि ओचई वायर में समस्या पर तुरंत सुधार हो सकें। सेक्शन में लिमिटेड हाइट्स निर्माण भी जनता के आवागमन की सुविधा के लिए जा रहे हैं। रेल मंडल की ओर से बुक एंड बैगेज योजना प्रारंभ की जा रही है। इसमें रेलवे को फोन करके कोई भी व्यक्ति अपने लगेज बैग को कहीं भी भेजने के लिए कह सकेगा। लगेज का रेलवे सुरक्षित परिवहन और डिलेवरी करेगा। जून माह में मंडल में 55 मिलियन टन माल के लदान और लगभग 145 करोड़ रुपए माल भाड़ा प्राप्त होने की जानकारी है। अन्य स्त्रोतों से लगभग ढाई करोड़ रूपए अर्जित हुए है।