
जबलपुर, जहरीला पदार्थ खाकर जाने देने वाले टाल संचालक विनोद वर्मा का गुरुवार को सुसाइड नोट सामने आया। सुसाइड नोट में विनोद ने लिखा है कि तीन लोगों द्वारा उनके साथ जो खेल खेला गया, और सभा में सेवा का अ धिकार छीना उसके कारण वे पिछले एक साल से डिप्रेशन में थे, इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। सुसाइड नोट गढ़ा पुलिस को सौंप दिया गया है। इधर गुरुवार को पीएम के बाद गढ़ा पुलिस ने शव को परिजनों को सौंपा।
यह है मामला
गढ़ा पुलिस ने बताया कि बेदी नगर निवासी विनोद वर्मा (52) गंगासागर इलाके में लकड़ी का टाल संचालित करते थे। बुधवार दोपहर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। जहां उनकी मौत हो गई।
पत्नी हुई बदहवास, मां ने कोसा
मेडिकल अस्पताल से जैसे ही विनोद का शव उनके घर पहुंचा, तो शव को देखकर उनकी पत्नी अन्नू बदहवास हो गई। वह बार-बार पति को पुकार रही थी। वहीं विनोद की मां कमला उन लोगाें को कोस रही थी, जिनके कारण विनोद मानसिक अवसाद में गया। इस दृश्य को जिसने भी देखा, उसकी आंखों से आंसू छलक उठे। अंतिम यात्रा घर से निकली, तो पत्नी पीछे दौड़ पड़ी। परिजनों और रिश्तेदारों ने तैसे समझाया और उसे लौटाया। शमशानघाट का दृश्य उस वक्त और गमगीन हो गया, जब विनोद को उनके दोनों बेटों सचित और प्रजित ने मुखा ग्नी दी। दोनों की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे और वे पिता को पुकारते थक नहीं रहे थे।
यह लिखा है सुसाइड नोट में
विनोद ने पत्नी अन्नू को सम्बो धित करते हुए सुसाइड नोट लिखा। उसमें लिखा है कि "मुझे माफ कर देना। मंदिर कांड के बाद से मैं बहुत डिप्रेशन में हो गया था। तीनों ने मिलकर जो खेल खेला, मेरी सेवाएं छीनी, तो मुझे बहुत दुख हुआ। हम पीडि़यों से जुड़े है। मंदिर का वातावरण अच्छा होना चाहिए और तीनों जो राजनीती कर रहे हैं, उन्हें सबक मिलना चाहिए।"
सभा से कर दिया था निष्कासित
विनोद के भाई संजय ने आरोप लगाया कि वे और उनका परिवार एक सत्संग सभा से कई पीडि़याें से जुड़ा था, लेकिन एक साल पूर्व विनोद और उनके परिवार को सभा से निष्कासित कर सेवा का अ धिकार छीन लिया गया था। इसकी शिकायत भी उन्होंने पुलिस से की थी।
वर्जन
विनोद वर्मा आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट सामने आया है। जिसकी जांच की जा रही है। जांच उपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी
राकेश तिवारी, थाना प्रभारी गढा
Published on:
03 Mar 2023 12:12 pm
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