
SBI job with fake call letter Court sent Jail to accused
जबलपुर। शहर के एक युवक ने घर पर बताया कि उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी मिल गई है। बैंक का ज्वाइनिंग लेटर लेकर वह अहिंसा चौक स्थित एसबीआई के क्षेत्रीय मुख्यालय में अपनी आमद दर्ज कराने के लिए पहुंचा। लेकिन मुख्यालय में किसी नियुक्ति और ज्वाइनिंग संबंधी सूचना नहीं थी। अधिकारियों ने ज्वाइनिंग लैटर की पड़ताल की तो संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसके बाद युवक को कमरे में बंद करके बैंक अधिकारियों ने पुलिस बुला लिया।
मुख्यालय में पता किया तो कोई आदेश नहीं मिला
एसबीआई के अधिकारियों ने जब बैंक बोर्ड के नाम पर जारी किए गए नियुक्ति आदेश पर नजर डाली तो पहली नजर में ही फर्जी दिखाई पड़ा। युवक को बैंक के भीतर ही रोककर रखा गया और गोहलपुर पुलिस को खबर की गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने के साथ ही बैंक प्रबंधन ने भी छानबीन कर पता कर लिया कि ऐसा कोई नियुक्ति आदेश जारी ही नहीं किया गया है। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उसे थाने ले आई।
क्लर्क पद पर ज्वाइनिंग का मामला
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी नीरज मल्होत्रा के अनुसार 2012 में गोहलपुर थाने में आरोपी प्रदीप रावत के खिलाफ यह प्रकरण दर्ज किया गया था। दरअसल आरोपी अपने नाम का एक फर्जी नियुक्तिपत्र लेकर क्लर्क के पद पर Óज्वाइन करने के लिए विजय नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कार्यालय में पहुंच गया। शंका होने पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादंवि की धाराओं 420,467,468,471 के तहत मामला कायम कर अदालत में पेश किया।
3 साल जेल की सजा सुनाई
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मपाल सिंह शिवाच की अदालत में पांच साल पूर्व हुए धोखाधड़ी के इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को भादंवि की धाराओं 420,471 के तहत दोषी माना। कोर्ट ने आरोपी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा व दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
Published on:
25 Oct 2017 01:59 pm
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