
Seasonal clash of bungalow pan, leaves are falling from vinens
जबलपुर. गांधीग्राम. गांधीग्राम के प्रसिद्ध ‘बंगला पान’ की पककर तैयार फसल पर पाले की मार के चलते बेलों से पान के पत्ते पतझड़ की तरह टूट कर झड़ रहे हैं। पान कृषक बरेजों से पान के पत्ते को एकत्र कर फेंक रहे हैं। पान बरेजों में अधिक ठंड के प्रभाव से पान की बेलें झुलस और अकड़ गईं हैं। मौसम खुलते ही बेलों में लगे हुए पान अब टूटकर गिर रहे हैं।
इन बरेजों की फसल पत्ते विहीन
गांधीग्राम के पंडित बारे, माल्हा बरेजा, देवनगर बारे, शहरा, बंगरा, खपरहिया, बाबाजी वाले पान बरेजों की पान की फसल पतझड़ की तरह झड़ गई है। बेलें पान के पत्तों से विहीन हो गई हैं।
किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट
चौरसिया समाज के पान कृषकों ने बताया कि पान की फसल पककर तैयार थी। उसे तोडकऱ घर लाना था, लेकिन मौसम के प्रभाव से नाजुक पान के पत्ते जमीन पर ताश के पत्तों की तरह गिर गए। पान कृषक भूपेन्द्र चौरसिया, मुन्ना चौरसिया, कल्लू चौरसिया, रतनलाल चौरसिया, अशोक चौरसिया, रामकुमार चौरसिया, सुनील चौरसिया, छोटू चौरसिया, बसंते चौरसिया, नरेश चौरसिया, नरबद चौरसिया, मिलन चौरसिया, बबुआ चौरसिया, लल्लू चौरसिया ने बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय पान बरेजों में पान की खेती करना है। पान कृषि के लिए अपनी पूरी जमा पूंजी लगा देते हैं, लेकिन पान की फसल में मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से पतझड़ लग जाने की वजह से उनकी आय का स्रोत समाप्त हो गया है, जिससे उन पर रोजी-रोटी का संकट खड़ हो गया है।
दूसरे प्रदेशों में मांग
गांधीग्राम के पान बरेजों में होने वाला अपेक्षाकृत बड़ा बंगला पान मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे प्रदेश की प्रसिद्ध पान मंडियों में शुमार है। गांधीग्राम का बंगला पान उत्तरप्रदेश के बनारस, लखनऊ, झांसी तथा सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मंडला, नरसिहपुर, होशंगाबाद, इटारसी जबलपुर पान मंडियों की शान है।
प्रतिकूल मौसम और पिछले दिनों पड़ी तेज ठंड के कारण पान के पत्ते पाले को सहन नहीं कर सके। इसी के कारण पान की पत्तियां झडऩे लगी। पान के पत्तों में पतझड़ पाले का असर है।
एसबी सिंह, उपसंचालक,उद्यानिकी विभाग जबलपुर
Published on:
22 Jan 2019 07:00 am

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