जबलपुर के एक गांव में रहने वाले सुदामा शरण (काल्पनिक नाम) के घर ढाई साल पहले बेटे ने जन्म लिया। परिजन उसे बेटा समझकर ही ढाई साले से पाल रहे थे। सुदामा ने कुछ महीने पहले पाया कि बेटे का प्राइवेट पार्ट बिल्कुल भी नहीं बढ़ा है, जिससे उन्हें चिंता होने लगी। वे मेडिकल के पीड्रियाट्रिक सर्जन डॉ. विकेश अग्रवाल के पास पहुंचे। जहां उन्होंने पूरी बात बताई। इसके बाद डॉ. विकेश ने उन्हें बताया कि यह जन्म से ही लड़की है, गर्भ के दौरान कभी कभी कुछ प्रॉब्लम हो जाती हैं, जिससे प्राइवेट पार्ट बाहर को निकल आता है। डॉ. विकेश ने उसका ऑपरेशन कर बाहर निकले मेल पार्ट को अलग करते हुए उसका जेंडर फीमेल तय कर दिया।