3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपने आप बदल गया ढाई साल के लड़के का लिंग, बन गया लड़की, डॉक्टर भी हैरान

जहां ढाई साल पहले बेटा पैदा हुआ खुशियों से घर आंगन भर गया, किंतु उसका अचानक लिंग परिवर्तन हो गया और वह लड़की बन गया

2 min read
Google source verification

image

Lalit Kumar Kosta

Jul 31, 2017

जबलपुर। आज भी बेटे बेटियों को लेकर परिवारों में भेदभाव है। किसी परिवार में जब बेटा पैदा होता है तो खुशियां बढ़चढ़कर मनाई जाती हैं। वहीं बेटी पैदा होने पर खुशी होती है लेकिन थोड़ी कम। लेकिन कुदरत का करिश्मा कभी कभी ऐसा भी हो जाता है जैसे जबलपुर जिला निवासी एक परिवार में हुआ। जहां ढाई साल पहले बेटा पैदा हुआ खुशियों से घर आंगन भर गया, किंतु उसका अचानक लिंग परिवर्तन हो गया और वह लड़की बन गया। जिसके बाद परिजन तो हैरान हैं ही, डॉक्टरों को भी मामला समझने में समय लग गया। वहीं परिवार ने इस सदमे से उबरने के लिए अपना गांव छोड़ दिया है।


impotent from banana


पहले समझा किन्नर
जबलपुर के एक गांव में रहने वाले सुदामा शरण (काल्पनिक नाम) के घर ढाई साल पहले बेटे ने जन्म लिया। परिजन उसे बेटा समझकर ही ढाई साले से पाल रहे थे। सुदामा ने कुछ महीने पहले पाया कि बेटे का प्राइवेट पार्ट बिल्कुल भी नहीं बढ़ा है, जिससे उन्हें चिंता होने लगी। वे मेडिकल के पीड्रियाट्रिक सर्जन डॉ. विकेश अग्रवाल के पास पहुंचे। जहां उन्होंने पूरी बात बताई। इसके बाद डॉ. विकेश ने उन्हें बताया कि यह जन्म से ही लड़की है, गर्भ के दौरान कभी कभी कुछ प्रॉब्लम हो जाती हैं, जिससे प्राइवेट पार्ट बाहर को निकल आता है। डॉ. विकेश ने उसका ऑपरेशन कर बाहर निकले मेल पार्ट को अलग करते हुए उसका जेंडर फीमेल तय कर दिया।

डॉक्टर के अनुसार परिजनों को यह बात समझाने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। उनको ये लगने लगा था कि ये बच्चा किन्नर हो जाएगा। जिससे उनकी समाज में छवि खराब होगी। बड़ी मुश्किल से परिजनों को समझाया गया कि वह सही है और लड़की है और बड़ी होने पर उसके भी बच्चे हो सकेंगे। उसका गर्भाशय भी है।

boy murder live in jabalpur, attack live viral vid

किन्नरों को देने तक का हुआ विचार
सुदामा शरण को जब यह पता चला कि उसका बेटा नहीं बल्कि बेटी है तो पूरा परिवार सदमे में आ गया। सुदामा उसके जीवन को लेकर चिंतित रहने लगे। उन्हें किसी ने बताया कि ऐसे बच्चों को किन्नर ले जाते हैं। वह किन्नर की तरह है। इसके बाद कई लोगों ने किन्नरों को देने तक का विचार करने कह दिया था। बड़ी मुश्किल से सुदामा शरण ने यह फैसला लिया। इसके पूरा परिवार गांव छोड़ दूसरे जगह रहने चला गया है।

इस कारण से हुई परेशानी
डॉ. विकेश अग्रवाल के अनुसार ऐसा केस बहुत कम आते हैं। ऐसे केसों में गर्भावस्था में हार्मोनल गड़बड़ी होना पाया जाता है। इसके अलावा गर्भावस्था में सोनोग्राफी कराने से भी पता नहीं चलता। बच्चा पुरुष है या स्त्री, समझ नहीं आता। समाज के डर से परिवार किसी से चर्चा नहीं करता।
Story Loader