
सोशल मीडिया पर एक्टिव सेक्सटॉर्शन गैंग (Photo Source- Patrika)
Sextortion Gang Active : सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय सेक्सटॉर्शन गैंग मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोगों को खासा निशाना बना रहे हैं। आकर्षक प्रोफाइल और दोस्ती के झांसे में फंसाकर ठग अश्लील वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। हालात यह हैं कि, यहां हर महीने औसतन 15 मामले सामने आ रहे हैं, जबकि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की आशंका है।
साइबर अपराधियों का तरीका बेहद शातिर है। वे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर सुंदर युवतियों की फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन प्रोफाइल से जुड़ता है, उसे बातचीत में उलझाकर टेलीग्राम पर ले जाया जाता है। यहां ठग वीडियो कॉल या संदिग्ध लिंक के जरिए मोबाइल डेटा तक पहुंच बना लेते हैं और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से जुड़ना जोखिम भरा हो सकता है। ठग दोस्ती और आकर्षक प्रस्तावों के जरिए लोगों को जाल में फंसाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और वीडियो कॉल के लिए दबाव बनने पर सतर्क रहें। यदि कोई इस तरह के जाल में फंसता है तो तुरंत साइबर सेल या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते मदद मिल सके।
इस संबंध में साइबर क्राइम सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा का कहना है कि, शहर में हर महीने औसतन 15 मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, अधिकांश लोग लोक-लाज और बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते। कई पीड़ित केवल सलाह लेने साइबर शाखा तक पहुंचते हैं।
-केस : 01
हाल के महीनों में शिक्षित युवा और छात्र भी इस गैंग का शिकार बने हैं। एक मामले में IIITDM के दो छात्रों से करीब 18 हजार रुपए की ठगी की गई है। हालांकि, छात्रों ने मामला दर्ज नहीं कराया है।
-केस: 02
फरवरी में एक अन्य मामले में बरगी क्षेत्र के युवक द्वारा अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने पर कार्रवाई की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
-केस: 03
मार्च के अंतिम सप्ताह में शहपुरा क्षेत्र में भी एक युवती के साथ ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी साइबर सेल में जांच जारी है।
-सोशल मीडिया पर सेक्सटॉर्शन गैंग तेजी से अपने पांव पसार रहा है।
-एमपी की संस्कारधानी में लगातार सामने आ रहे इस गैंग की ठगी के शिकार मामले।
-औसतन 15 केस हर महीने शहर में सामने आ रहे।
-युवाओं को पहला निशाना बना रहे ठगी के ये गैंग।
-खूबसूरत प्रोफाइल के जरिए लोगों को बनाया जा रहा ठगी का शिकार।
-बड़ी आबादी तो बेइज्जती के डर से शिकायत दर्ज ही नहीं करा रही।
-क्राइम ब्रांच में कई लोग सिर्फ बचाव की सलाह लेकर चले जाते हैं।
Updated on:
2 Apr 2026, 9:39 AM IST
Published on:
2 Apr 2026, 9:38 AM IST
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