
Narmada's low water level, ghats start seeing stones,Narmada's low water level, ghats start seeing stones,The Narmada river Gwarighat ,The Narmada river Gwarighat ,The Narmada river Gwarighat
जबलपुर, संस्कारधानी में नर्मदा गौ कुम्भ की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही है। नर्मदा तीर्थ गीताधाम, ग्वारीघाट के समक्ष बड़े मैदान में 24 फरवरी से कुम्भ मेला शुरू होगा। मंगलवार को बारिश के दौरान कुम्भ का कार्य बाधित हुआ। लेकिन बारिश थमते ही यज्ञशाला एवं मूर्तियों के निर्माण का कार्य शुरू हो गया। नगर निगम कमिश्नर आशीष कुमार ने मौके पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया।
मैदान के ज्यादातर हिस्से में समतलीकरण के बाद यज्ञ आयोजन समिति ने यज्ञ शालाओं एवं मूर्तियों के निर्माण कार्य में तेजी लाई है। यज्ञ के शुभारम्भ में बीस दिन शेष है। ढांचे तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। यज्ञ शाला में 18 फुट ऊंची भगवान शिव एवं अद्र्धनारीश्वर के संयुक्त स्वरूप की प्रतिमा बनाई जा रही है। एक ओर से भगवान शिव और दूसरी ओर अद्र्धनारीश्वर के दर्शन होंगे। जबकि, जटा से गंगा की धार निरंतर प्रवाहित होती हुई शिवलिंग पर गिरेगी। यज्ञ संयोजक डॉ. स्वामी नरसिंह दास ने बताया, नर्मदा का हर कंकड़ शंकर है। भगवान शिव की तपस्या से प्रकट हुई नर्मदा को उनका वरदान है कि वे हर घाट पर मां पार्वती के साथ विराजमान रहेंगे। जिस प्रकार गंडकी नदी में पत्थर स्वरूप भगवान शालिग्राम प्राप्त होते हैं, बिना स्थापना की उनकी पूजा की जा सकती है, उसी प्रकार नर्मदा के कंकड़ को बिना स्थापना के शिव स्वरूप पूजा करना फलदायी होता है। इसे चरितार्थ करते हुए नर्मदा के सवा करोड़ कंकड़ से विशाल शिवलिंग बनाया जा रहा है। कंकड़ की गिनती की जा रही है।
दक्षिण भारत के आचार्य और हैदराबाद के वाद्ययंत्र
दक्षिण भारत के कांची कामकोटि के आचार्य के आचार्य वैदिक परम्परा से रूद्र महायज्ञ कराएंगे। यज्ञ के दौरान हैदराबाद के कलाकार वाद्य यंत्रों का वादन करेंगे। गौ तीर्थ पथमेढ़ा राजस्थान के आचार्यों के विधि विधान से श्रीराम सुरभि गौपुष्टि महायज्ञ किया जाएगा। संस्कारधानी में पहली बार गौ पुष्टि महायज्ञ किया जाएगा। इसमें ऋषि एवं कृषि सम्मेलन में अध्यात्म और विज्ञान का संगम होगा।
Published on:
04 Feb 2020 10:26 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
