
आसपास के जिलों के साथ दूसरे प्रान्तों में भी दे रहे कार्यक्रम, एक हजार से अधिक लोगों को मिल रहा रोजगार
जबलपुर।
25 वर्ष पूर्व प्रसिद्ध देवीगीत ' करें भगत हो आरती माई दोई बिरियां' से लेकर 'अंगना पधारो महारानी' तक गाने वाले संस्कारधानी के भजन गायको की ख्याति में इस अरसे में खासा परिवर्तन हुआ है। अब सोशल मीडिया ने यहां की भजन गायकी की तस्वीर ही बदल दी है। यू ट्यूब व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए यहां के भजन गायकों की प्रसिद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर ही नहीं, राज्य के अन्य जिलों व दूसरे प्रदेशों तक फैल गई है। इसके चलते ये अब अपनी कला का जौहर पूरे देश मे दिखा रहे हैं। आज से 20-25 वर्ष पूर्व जहां शहर में भजन गायकी को शौक के रूप में देखा जाता था, वर्तमान भजन गायकों ने इस कला को पूर्ण व्यवसाय के रूप में स्थापित कर दिया है। मनीष अग्रवाल मोनी, दीन भगत, शहनाज अख्तर, अजीत मिनोचा, राजेश कपूर, प्रेरणा भारती जैसे कलाकार पूरे ग्रुप के साथ देश भर में अपनी मधुर भजन गायकी की स्वर लहरियों से धूम मचा रहे हैं।
पहले क्षेत्रीय था प्रभाव-
संस्कारधानी के भजन गायकों का मानना है कि आज के 20-25 साल पहले भी जबलपुर में उच्चस्तर के भजन गायक थे। इनमें राकेश तिवारी का नाम सर्वोपरि है। उन्होंने संस्कारधानी की भजन गायकी को नया आयाम दिया था। उनके गाए देवी गीत आज भी देवी पूजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में श्रध्दा के साथ बजाए जाते हैं। मिठाईलाल चक्रवर्ती, संतोष सूर्यवंशी, रामकिशोर सूर्यवंशी व सुंदरलाल विश्वकर्मा जैसे भजन गायकों ने भी महाकोशल व बुंदेलखंड क्षेत्रों में खासा नाम कमाया। लेकिन भजन गायकों का मानना है कि इन पुराने भजन गायक क्षेत्रीय बुंदेलखण्डी बोली में भजन गाते थे, इसलिए इसका स्वरूप इन्ही क्षेत्रों तक सीमित था। अब शहर के भजन गायक खड़ी हिंदी भाषा में भजन गा रहे हैं। इसलिए इनकी ख्याति का दायरा बढ़ा है।
आस्था बढ़ी, होड़ भी-
बुजुर्ग भजन गायकों का मानना है कि संस्कारधानी के भजन गायकों की प्रसिद्धि का एक बड़ा कारण लोगों की धार्मिक आस्था में वृद्धि भी है। आस्था की होड़ के चलते अब लोग छोटे छोटे घरेलू कार्यक्रमों में भी भजन संध्या, जगराता, माता की चौकी जैसे कार्यक्रम आयोजित करने लगे हैं। इस वजह से भी भजन गायकों की पूछ परख बढ़ी है।
स्वरूप बदला, अब झांकियां भी साथ-
भजन गायकों का कहना है कि बीते 20-25 वर्षों में भजन कार्यक्रमों का स्वरूप बदल गया है। पहले जहां भजनों के कार्यक्रम सीमित संख्या में श्रोताओं के लिए व अधिकतर इंडोर होते थे। अब भजन संध्या, देवी जगराता के आयोजन व्यापक होने लगे हैं। इनमे सजीव झांकियां भी प्रस्तुत की जाने लगी हैं।
सहयोगियों को भी रोजगार-
भजन गायकों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही उनके सहयोगियों को नियमित रूप से रोजगार भी मिल रहा है। भजन गायकों का कहना है कि झांकियों, वाद्ययंत्र बजाने वाले कलाकारों, साउंड वालों को भी उनके कार्यक्रमों में काम मिल रहा है। शहर के लगभग 1500 ऐसे कलाकार इस कार्य से जीविकोपार्जन कर रहे हैं।
यू ट्यूब से हो रही कमाई -
शहर के भजन गायक पहले शौक के रूप में भजन गाते थे। उन्हें मंचीय कार्यक्रमों से सीमित आमदनी होती थी। लेकिन अब भजन गायक व्यावसायिक रूप में यह कार्य कर रहे हैं। साल भर देश भर में भजनों की मंचीय प्रस्तुति से उन्हें तगड़ी और सम्मानजनक आय हो रही है। यू ट्यूब के जरिए ही ये गायक हर माह हजारों रु कमा रहे हैं। भजन गायक मनीष अग्रवाल मोनी के गाए देवी भजन 'कालों की काल महाकाली' को अब तक यूट्यूब पर 16 करोड़ दर्शक देख चुके हैं। अग्रवाल कहते हैं कि प्रदेश के किसी देवी गीत गायक के भजन को अभी तक इतने व्यू नही मिले। अग्रवाल केवल यूट्यूब के जरिए ही महीने में खासी रकम अर्जित कर रहे हैं।
इन प्रान्तों से आता है बुलावा-
छग, राजस्थान, प बंगाल, उप्र, बिहार, गुजरात,महाराष्ट्र, दिल्ली
इनका कहना है-
1.
भजन गायकी पहले विशुद्ध शौक थी। जीविकोपार्जन के लिए गायक को दूसरा काम करना होता था। अब सोशल मीडिया ने यह समस्या दूर कर दी। अब यह कार्य व्यवसाय में तब्दील हो गया है। इससे सम्मानजनक आय हो रही है, साथ ही प्रसिद्धि भी।
-मनीष अग्रवाल मोनी, भजन गायक
2.
भजन गायकों की प्रसिद्धि निस्संदेह बढ़ी है। आस्था में भजन के कार्यक्रम आयोजित कराने की होड़ मची है। लेकिन भजन कार्यक्रम के प्रति लोगों में धार्मिक मर्यादा की कमी देखी जा रही है।
-अजीत मिनोचा, भजन गायक
3. सोशल मीडिया ने शहर की भजन गायकी को नई ऊंचाइयां दी हैं। पहले जहां मंचीय कार्यक्रमों और कैसेट आदि के जरिये ही ये भजन सीमित लोगों तक पहुंचते थे, अब देश के साथ विदेश में भी इन भजनो की पहुंच है।
-राजेश कपूर, भजन गायक
4. सोशल मीडिया के चलते भजनों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है। अब भजनों संध्या जैसे आयोजनों में युवा वर्ग भी खासी रुचि ले रहा है, जो पहले नहीं लेता था। शहर के भजन गायकों की ख्याति बढ़ी है।
- प्रेरणा भारती भजन गायिका
Published on:
07 Dec 2022 11:44 am
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