
राजनीतिक तबादला
जबलपुर। जिले में पुलिस अधीक्षक का पद और विवाद का नाता जुड़ता जा रहा है। पिछले तीन पुलिस अधीक्षकों का तबादला विवादों के चलते हुआ। एसपी एचएन मिश्रा के बाद जिले में किसी भी एसपी ने तीन साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया। उनके बाद आए डॉ आशीष जरूर 20 महीने तक रहे। इसके बाद महेंद्र सिंह सिरवार 19 महीने, शशिकांत शुक्ला एक साल और एसपी अमित सिंह साढ़े आठ महीने ही पद पर रह पाए। पिछले तीन एसपी के तबादले के पीछे कहीं न कहीं पूर्व विधानसभा की राजनीति जुड़ी हुई है।
चार एसपी का कार्यकाल
21 अप्रैल 2015 से 01 दिसम्बर 2016 तक एसपी रहे-डॉक्टर आशीष
5 जनवरी 2016 से 17 जुलाई 2017 तक एसपी रहे-डॉ. महेंद्र सिंह सिकरवार
17 जुलाई 2017 से एक जुलाई 2018 तक एसपी रहे-शशिकांत शुक्ला
01 जुलाई 2018 से 17 मार्च 2019 तक एसपी रहे अमित सिंह
ये एसपी इस तरह का विवाद-
एसपी महेंद्र सिंह सिकरवार-10 जुलाई 2017 को पूर्व विधानसभा के भाजपा विधायक अंचल सोनकर ने एसपी महेंद्र सिंह सिकरवार पर गंभीर आरोप लगाए कि वे 25-25 रुपए टीआइ से महीना लेते हैं। इसके दो दिन बाद उन्हें जाना पड़ा।
डॉ आशीष के बाद पांच जनवरी को एसपी महेंद्र सिंह सिरकारवार एसपी बने। मगर उनका मामला भाजपा विधायक अंचल सोनकर से फंस गया। विधायक ने धरना देते हुए एसपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गंभीर आरोप लगाए। जिसके बाद उन्हें जिले से जाना पड़ा। हालांकि उनका तबादला डीआइजी पद पर प्रमोशन के चलते होने वाला भी था।
एसपी शशिकांत शुक्ला-15 जून 2018 को कांग्रेस पार्षदों की गाड़ी में बैठकर ब्यौहारबाग में सट्टा पकडऩे गए और फिर बेलबाग में विधायक अंचल सोनकर द्वारा धरने पर बैठने के बावजूद मौके पर नहीं गए। जिसके चलते उन्हें भी जाना पड़ा।
शशिकांत शुक्ला का पूरा कार्यकाल ही विवादों में गुजरा। पहले हरेंद्रजीत सिंह ने एसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद विधायक अंचल ने बेलबाग थाने में धरना दिया। कानून-व्यवस्था को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे कांग्रेस पार्षदों के उकसाने पर वह उनकी कार में ब्यौहारबाग पहुंच गए। वहां सट्टा-पट्टी पकड़ी और टीआइ सहित बीट के सिपाहियों को निलम्बित कर दिया। ये घटनाक्रम उनके खिलाफ गया और खूब किरकिरी हुई।
एसपी अमित सिंह-12 मार्च 2019 को भाजपा द्वारा चुनाव आयोग में सागर में एक वैवाहिक कार्यक्रम में मंत्री लखन घनघोरिया के साथ डांस करने और एक बदमाश के साथ दिखने सम्बंधित सीडी के साथ शिकायत की गई। इसके बाद आयोग ने हटा दिया।
दो जुलाई 2018 को शशिकांत शुक्ला की विदायी के साथ ही अमित सिंह ने जिले की कमान संभाली। मगर वे राजनीति के शिकार बन गए। इस बार भी शिकायत में पूर्व विधानसभा के मौजूदा विधायक लखन से करीबी बता कर भाजपा ने निर्वाचन आयोग से शिकायत कर दी और यह उनके रूखसती का एक कारण भी बना।
Published on:
19 Mar 2019 01:59 am
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