
special tiger of mp
जबलपुर . फिल्मों की टिकिटें ब्लेक में बिकने की बातें अब पुरानी हो गई हैं। अब तो जंगली जानवरों को देखने के लिए होड़ मची हुई है। इनमें भी शेर की डिमांड कुछ ज्यादा ही है। मध्यप्रदेश के शेर तो बहुत खास हैं जिन्हें देखने के लिए टिकिटों की कालाबाजारी की जा रही हे। ऐसे ही एक मामले में हाईकोर्ट ने जवाब-तलब किया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व सहित अन्य को नोटिस
हाईकोर्ट ने राज्य के नेशनल पार्कों में टाइगर सफारी के लिए पर्यटकों को जारी किए जाने वाले परमिट में एड ऑन की सुविधा का दुरुपयोग कर इसकी कालाबाजारी के मसले पर गंभीरता दिखाई है। एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह गोरखधंधा नेशनल पार्कों के समीप स्थित होटल व रिसोर्ट संचालक कर रहे हैं। जस्टिस नंदिता दुबे की सिंगल बेंच ने बांधवगढ़ नेशनल पार्क सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर मसले पर जवाब मांगा है।
यह है मामला
नवनीत माहेश्वरी व सप्तरिषि सहगल ने याचिका दायर कर कहा कि राज्य के नेशनल पार्कों में घूमने के लिए पर्यटकों को पहले एमपी ऑनलाइन के जरिए परमिट बुक कराना होता है। सुविधा के लिए वन विभाग ने परमिट में एड ऑन सुविधा दी है। अंतिम समय में पर्यटकों की संख्या बढऩे पर मुख्य परमिट में एड ऑन सुविध के जरिए इनके नाम जोड़े जा सकते हैं।
टाइगर सफारी परमिट बुकिंग में की जा रही कालाबाजारी- लेकिन इस सुविधा का दुरुपयोग कर स्थानीय रिसोर्ट व बड़े होटल वाले अपने कर्मचारियों के नाम से एक ही दिन में एक ही नाम पर कई परमिट बुक करा लिए जाते हैं। बाद में ऊंचे दामों पर इन एड ऑन परमिट में जरूरतमंद लोगों के नाम जोड़ दिए जाते हैं। तर्क दिया गया कि यह राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की गाइडलाइन का भी उल्लंघन है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी किए।
Published on:
29 Aug 2018 03:39 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
