9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Civil defense day:भूकम्प, बाढ़, अग्नि दुर्घटना से निपटने को तैयार है शहर में एसडीआरएफ के विशेष वॉलेंटियर

सिविल डिफेंस डे आज: 550 होमगार्ड सैनिकों को भी मिला है विशेष प्रशिक्षण

3 min read
Google source verification
HomeGuard.jpg

Civil defense day

जबलपुर. आपदाओं के वक्त पुलिस या सेना के जवान ही नहीं, आम नागरिक भी अपने शहर या देश की रक्षा के लिए मोर्चा सम्भाल सकता है। चाहे भूकंम्प, आगजनी हो या बाढ़ की स्थिति। एसडीआरएफ की टीम हर समस्या से जूझऩे के लिए तत्पर रहती है। एसडीआरएफ ने होमगार्ड के 550 ऐसे विशेष सैनिकों को भी प्रशिक्षण देकर दक्ष बना दिया है। इसके अलावा आम लोगों को भी एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण देकर वॉलेंटियर के रूप में भी तैयार कर रही है। प्रदेश भर में मंगेली में एसडीआरएफ की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।
केस-एक
13 अगस्त 2019 को मदनमहल शिवनगर में बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। लोगों के घर डूबते जा रहे थे। बारिश भी जारी थी। ऐसे में देर रात पुलिस-प्रशासन के साथ एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा सम्भाला। रेस्क्यू बोट की मदद से 56 लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकाला गया।
केस-दो
16 अप्रैल 2018 को तिलवारा स्थित केमतानी बिल्डर्स के निर्माणाधीन बहुमंजिला होटल का स्लैब ढह गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 23 मजदूर घायल हुए थे। एक घायल मजदूर को कई घंटों की रेस्क्यू के बाद निकाला जा सका था।

IMAGE CREDIT: patrika

वॉलेंटियर्स की जियो टैगिंग भी
वल्र्ड सिविल डिफेंस डे के अवसर पर हम आपको बता रहे हैं कि संस्कारधानी में होमगार्ड के जवान ना केवल खुद मोर्चे पर रहकर आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहते हैं, बल्कि वह शहर से समय-समय पर वॉलेंटियर तैयार कर रहे हैं।
कमांडेंट रोहिताश कुमार पाठक बताते हैं कि जो भी वॉलिंटियर तैयार होते हैं, उनकी जियो टैगिंग भी करवाई जाती है। उनका अधिकृत मोबाइल नंबर लिया जाता है, जिससे जरूरत पर उनसे त्वरित सम्पर्क किया जा सके। जो वॉलेंटियर जिस एरिया में रहते हैं और घटना उस क्षेत्र विशेष से जुड़ी होती है तो तुरंत जियो टैगिंग के जरिए उससे सम्पर्क किया जा सकता है।
यह ट्रेनिंग दी जाती है वॉलेंटियर्स को
सात दिनों की ट्रेनिंग के अंतर्गत वॉलेंटियर्स को स्विमिंग सिखाई जाती है, ताकि वह बाढ़ की स्थिति होने पर बचाव कार्य में मदद कर सकें। इसके अलावा आपदा प्रबंधन के इक्विपमेंट्स को चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। इन वॉलिंटियर्स को नागरिक सुरक्षा के कोर्स को भी पढ़ाया जाता है। इनमें फस्र्ट एड, सिग्नल, कैजुअल्टी जैसे विषय शामिल हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

नर्मदा जयंती से लेकर विसर्जन के वक्त तैनाती
शहर में हर साल नर्मदा जयंती, दुर्गा व गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान इन वॉलेंटियर्स की जगह-जगह घाटों पर तैनाती की जाती है। जबलपुर को छह डिवीजन में बांटा गया है। इन 6 डिवीजन के हिसाब से ही इन वॉलेंटियर्स को भी तैनात किया जाता है।
स्कूल कॉलेजों में लगातार किए जाते हैं डेमोंस्ट्रेशन
एसडीआरएफ के कम्पनी कमांडर संतोष कुमार ने बताया कि सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स तैयार करने के लिए स्कूल कॉलेज में समय-समय पर आपदा प्रबंधन के लिए मॉक ड्रिल करवाई जाती है। इस तरह युवा वर्ग मोटिवेट होते हैं। इच्छुक युवाओं को बुनियादी प्रशिक्षण में केमिकल रिसाव, तैराकी, अग्निहादसे, जीव-जंतुओं के काटने आदि के बारे में बताया जाता है।

IMAGE CREDIT: patrika