
Army base workshop
जबलपुर। सेना के डेयरी फॉर्म की तरह सैन्य इकाइयों में संचालित 14 स्टेशन वर्कशॉप भी बंद करने के लिए कह दिया गया है। इसके लिए 30 जून तक का समय तय है। 20 जून तक यहां कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के लिए कहने से हड़कम्प मच गया है। इस कार्रवाई में जबलपुर का नम्बर दूसरे फेज में आ सकता है। क्योंकि, सरकार की मंशा देश के विभिन्न इलाकों में संचालित 31 में से 29 स्टेशन वर्कशॉप बंद करने की है।
सेना के स्टेशन वर्कशॉप में रिपेयरिंग का काम होता है। इनमें 100 से 150 कर्मचारी कार्यरत हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने इनकी उपयोगिता ज्यादा नहीं होने की बात कहकर बंद करने के लिए कहा है। यहां के कर्मचारियों को सरप्लस कहकर उनका तबादला दूसरी सैन्य इकाइयों में करने के लिए कहा जा रहा है।
पहले फेज में यह वर्कशॉप
जिन 14 स्टेशन वर्कशॉप को बंद किया जाना है, उनमें स्टेशन वर्कशॉप आगरा , खड़कवसाला, पनगढ़, बालासोर, रामगढ़, कानपुर, मेरठ, जोरहट, बरेली, गुवाहटी, इलाहाबाद, राउरकेला, बरेली और पठाकोट वर्कशॉप शामिल हैं। अगले फेज में बचे स्टेशन वर्कशॉप को बंद किए जा सकते हैं।
आर्मी बेस वर्कशॉप गोको मॉडल पर
स्टेशन वर्कशॉप को बंद किया जा रहा है, दूसरी तरफ सेना के बेस वर्कशॉप को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर गवर्नमेंट ऑन्ड कॉन्टेरेक्टर ऑपरेटेड (गोको) मॉडल पर चलाने का निर्णय लिया गया है। इसमें जबलपुर आर्मी बेस वर्कशॉप भी शामिल है। इन वर्कशॉप में 12 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को सरप्लस किया गया है। इसके अंतर्गत सरकार भूमि, अधोसंरचना, प्लांट और मशीनरी उपलब्ध कराएगी। कॉन्ट्रेक्टर इसका इस्तेमाल करते हुए सभी तरह के कार्य करेगा।
रक्षा मंत्रालय ने स्टेशन वर्कशॉप को बंद करने का निर्णय लिया है। यह वादा खिलाफी है। क्योंकि, सरकार की तरफ आश्वासन दिया गया था कि किसी भी संस्थान को बंद नहीं किया जाएगा।
अनिल शर्मा, लीडर, स्टाफ साइड आर्मी हेड क्वार्टर जेसीएम-3 सदस्य
Published on:
07 May 2018 06:00 am
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