20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये हैं रियल लाइफ  के ‘पा’ 11 साल की उम्र में बने चेयरमैन, बर्थ-डे पर दिया अनूठा संदेश

कमजोरी को बनाया ताकत, जीत लिया सीएम का भी दिल, बाल संरक्षण आयोग में बने एक दिन के अध्यक्ष

5 min read
Google source verification

image

Balmeek Pandey

Jul 08, 2017

Story of Junior Paa Shreyas Baramate

Story of Junior Paa Shreyas Baramate

जबलपुर। फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन की रिलीज हुई फिल्म 'पा' तो आप सभी को याद होगी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने 12 साल के एक ऐसे बच्चे का किरदार जीवंत किया था जो कि लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से पीडि़त था। यह तो हो गई रील लाइफ की बात..। अब आपको बताते हैं रियल लाइफ के 'पा' 11 वर्षीय श्रेयश बारमाटे का अंदाज, जो इन दिनों सुर्खियों में है। इन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर न सिर्फ संस्कारधानी बल्कि प्रदेश और देश में सुर्खियां बटोरी हैं। न केवल संगीत प्रेमी इनके कायल हैं, बल्कि इन्होंने प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का भी दिल जीत लिया है। तभी तो इन्हें 11 साल की उम्र में बाल संरक्षण आयोग का चेयरमैन बनाया बनया। 8 अगस्त को जन्मदिन के अवसर पर श्रेयश अनूठा संदेश दिया है।


ये हैं श्रेयश
शंकरशाह रामपुर एच 43 जबलपुर निवासी हाईकोर्ट कर्मचारी अरविंद बारमाटे के पुत्र हैं श्रेयश बारमाटे। उम्र महज 11 साल की है और जज्बा कमाल का है..। बालक मंदिर हॉयर सेकंडरी स्कूल में कक्षा कक्षा 6 में पढऩे वाले बालक को जन्म के 3 माह बाद से प्रोजेरिया जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी है। श्रेयश को काफी ट्रीटमेंट भी मिला। पा फिल्म के बाद श्रेयश ऐसे सुर्खियों में हैं कि उसके बाद हर कोई इस रियल लाइफ के पा के बारे में जानने और मिलने के लिए आतुर दिखाई दे रहा है।


बर्थडे पर अनूठा संदेश
ये जो देश है तेरा.. स्वदेश हे तेरा.. तुझे है पुकारा... ये बंधन है जो कभी टूट नहीं सकता..., मिट्टी की है जो खुशबू... तू कैसे भुलाएगा, तू चाहे कहीं जाए, तू लौट के आएंगा..। स्वदेश संदेश के साथ उन्होंने कहां, चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना... कभी अलविदा न कहना... रोते हंसते बस यूं ही तुम गुनगुनाते रहना.. कभी अलविदा न कहना....। इस सुमधुर गीत को सुनकर आपका मन भी मुग्ध हो जाएगा। रियल लाइफ के पा 8 जुलाई को अपने बर्थ-डे पर पत्रिका कार्यालय पहुंचे और देश के नाम अनूठा संदेश दिया। एक ऐसा संदेश जिसे सुनकर आपका मन देशप्रेम से भर उठेगा। श्रेयश संगीत के प्रेमी हैं तो उन्होंने इसी अंदाज में देश प्रेम की अलख जगाई।

Story of Junior Paa Shreyas Baramate

9 को धूमधाम से मनेगा बर्थडे
श्रेयश के बर्थडे पर हर शख्स शरीख होना चाह रहा है, इसीलिए इनका बर्थडे महोत्सवपूर्ण माहौल में मनाया जा रहा है। बर्थडे 8 जुलाई को है, लेकिन कार्यक्रम 9 जुलाई को विंध्यभवन में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में मनाया जाएगा। श्रेयश भी अपने जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने में जुटे हुए हैं, स्वयं वे लोगों को अपने बर्थडे पर पहुंचने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

कंठ में विराजीं सरस्वती
श्रेयश भले ही इस लाइलाज बीमारी की गिरफ्त में हैं, लेकिन वे अपनी जिंदगी बड़े ही शान से जी रहे हैं। हर समय वे पढ़ाई के साथ-साथ संगीत में रमे रहते हैं। श्रेयर की अवाज इतनी सुरीली है मानों स्वयं सरस्वती विराजती हों। बर्डडे पर उन्होंने सुमधुर ध्वनि में अनूठा संदेश दिया।

बनाए गए हैं प्रेसीडेंट
अद्भुत जज्बे और संगीत में महारथ हासिल करने वाले श्रेयश को मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ.राघवेन्द्र शर्मा ने 24 मार्च 2017 को एक दिन का प्रेसिडेंट नियुक्त कर चुके हैं। श्रेयस ने इस दौरान पूरे आत्मविश्वास के साथ इस जिम्मेदारी को दिनभर निभाते रहे। वे तीनों सत्रों में दिन भर मौजूद रहे। उन्होंने ठाठ से अध्यक्षता करते हुए खुलकर अपने विचार भी रखे। यहां तक कि आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा को भी आदेश दिए।


ये भी पढ़ें

image
मात्र 10 केजी है वजन
3 वर्ष की उम्र से संगीत को अपना सहारा बनाने वाले श्रेयस संगीत वादन में भी खासे माहिर हैं। सुरीली आवाज में गाने के साथ-साथ पियानो और तबले को बड़ा ही शानदार बजाते हैं। इसके साथ ही श्रेयस नृत्य की विधा में भी गजब का कमाल दिखाते हैं। हम आपको बता दें कि श्रेयश का वजन मात्र 10 किलो 5 ग्राम है। हाइट मात्र 3.5 इंच है।

Story of Junior Paa Shreyas Baramate

सीएम कर चुके हैं सम्मानित
रियल लाइफ के पा से सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मिल चुके हैं। उनके संगीत के कायल सीएम ने श्रेयस का सम्मान भी किया है। इसके साथ ही जूनियर पा को सिंध साइजर, लैपटॉप, इलेक्ट्रानिक तबला भेंट कराकर सम्मानित किया है। यह सामग्री कलेक्टर व नगर निगम कमिश्न के हाथों भेंट की गई है।

संबंधित खबरें


मिलने वाला का लगता हैं तांता
बिग-बी की फिल्म में सीनियर पा के बाद से सुर्खियों में आए जूनियर पा से हर कोई मिलने आतुर रहता है। लगातार डॉक्टर व वैज्ञानिकों की टीम उनकी इस बीमारी पर शोध करती है। इसके साथ ही उनके जीवन की रियलटी को फिल्माने बॉलीवुड से लेकर छोटे पर्दे को लोग पहुंच रहे हैं। अभी हाल ही में चंडीगढ़ से एक टीम पहुंची थी, जिन्होंने श्रेयश पर शॉट फिल्म शूट की है।


पैरेट्स को है गर्व
शिक्षा और संगीत के माध्यम से सुर्खियां बंटोरने वाले श्रेयस पर पैरेट्स को बड़ा गर्व है। पापा अरविंद व मां मनीषा का कहना है कि आज तक हमने देखा कि माता-पिता से पुत्र की पहचान होती है, लेकिन आज श्रेयस की वजह से उन्हें पहचाना जा रहा है। 12 साल के श्रेयस 60 साल के दिखते हैं दिखता है। श्रेयस का एक जुड़वां भाई सिद्धांत भी है, लेकिन वह सामान्य बच्चों की तरह है। श्रेयस का व्यवहार आम बच्चों की तरह ही है।

Story of Junior Paa Shreyas Baramate

सारेगामा में हुए शामिल
श्रेयस को भक्ति गीत व नए-पुराने फिल्मी गाने तो जुबां पर रटे हैं। नन्हीं सी उम्र में उन्होंने खुद भी गाने लिखे हैं। पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा... गाना बड़ा ही शानदार सुनाते हैं। श्रेयस ने बताया कि वह हर साज बजा लेते हैं। वे टेलीविजन शो 'सा, रे, गा, मा, पा .. के ऑडीशन में भी शामिल हो चुके हैं। कई स्टेज शो और कॉम्पिटीशन में धूम मचाई है।


संगीत में कमाना चाहते हैं नाम
दुनिया बड़ी है और हम बहुत छोटे होते हैं। जब दुनिया में हम सभी छोटे हैं तो फिर क्या मायने रखता है कि किसकी लंबाई कितनी है...। ये विचार किसी और के नहीं बल्कि श्रेयश के हैं। उनका इरादा संगीत की दुनिया में छा जाने का है। संगीत की दुनिया में मिल रही शोहरत को वह अपने पापा का आशीर्वाद मानते हैं। श्रेयस ने कहा कि पापा हर बात कुछ इस तरह समझाते हैं कि वह मेेरे दिल में उतर जाती है। मेरे पापा ने मेरी हर ख्वाहिश पूरी की...। मेरे कहने पर सात वर्ष की उम्र ही उन्होंने मेरा नाता सुरों से जोड़ दिया। वे अपने पापा के फैन हैं।

बीमारी पर हौसला भारी
अरविंद और उनकी पत्नी मनीषा बारमाटे ने बताया कि श्रेयश तीन माह का था, तभी एकाएक उसके बाल झडऩे लगे। शरीर की चमड़ी पतली हो गई। चेहरा छोटा हो गया, लम्बाई रुक गई। इलाज कराया तब पता चला कि श्रेयस को प्रोजेरिया नामक रोग है। डॉक्टरों ने बताया कि यह बीमारी 20 से 30 लाख में एक बच्चे को हो सकती है और ऐसे बच्चे का समग्र विकास रुक जाता है। यह मध्यप्रदेश में शायद पहला बच्चा है।

ये भी पढ़ें

image