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जबलपुर. अब काॅलेजों और विश्वविद्यालयों में किन्हीं कारणों से सीट छोड़ने वाले छात्रों को फीस लौटानी होगी। अक्टूबर के बाद यदि किसी छात्र का प्रवेश रद्द किया जाता है तो केवल प्रोसेसिंग फीस ही काटी जाएगी। अभी तक कॉलेज प्रवेश छोड़ने वाले छात्रों की फीस रिफंड करने से साफ मना कर देते थे। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षण सत्र 2022-23 की प्रवेश प्रक्रिया में इसे लागू कर दिया गया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने रिफंड पॉलिसी लागू कर विश्वविद्यालय कुलपति सहित कॉलेजों को इसे पत्र लिखा है। हजारों की संख्या में प्रवेशजिले में स्नातक स्तर पर करीब 30 हजार प्रवेश होते हैं। कॉलेज छात्र से प्रवेश शुल्क पहले ही जमा करा लेते हैं। छात्र कई बार कॉलेज में मनमुताबिक विषय न मिलने, आर्थिक, परिवारिक, माइग्रेशन आदि कारणों के चलते प्रवेश कैंसिल कराना पड़ता है। ऐसे में कॉलेज उनकी फीस को वापस नहीं करते हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा के परिणाम काफी विलंब से जारी हुए हैं। वहीं जेईईई के परिणाम जारी होने में भी विलंब हुआ है। इसे देखते हुए भी आयोग ने यह निर्णय लिया है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों से कहा है कि यदि छात्र 31 अक्टूबर से पहले एडमिशन कैंसिल करने पर स्टूडेंट्स को उनकी पूरी फीस वापस देनी होगी। कॉलेज प्रोसीसिंग फीस के रूप में 1 हजार रुपए से अधिक की कटौती नहीं कर सकेंगे।
इनका कहना है
छात्र और अभिभावकों के हितों को देखते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है। इससे अभिभावकों और छात्रों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इस संबंध में कॉलेजों को अवगत कराया जा रहा है।
डॉ.लीला भलावी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा
Published on:
16 Aug 2022 07:32 pm
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